चाचा संग हो गया प्यार, शादी से एक रात पहले घर से भतीजी फुर्र, पांच दिन बाद मिली दोनों की लाश, डबल सुसाइड से मचा हडकंप, पसरा मातम

Fell in love with uncle, niece ran away from home the night before the wedding, dead bodies of both were found after five days, double suicide created a stir, mourning spread

चाचा संग हो गया प्यार, शादी से एक रात पहले घर से भतीजी फुर्र, पांच दिन बाद मिली दोनों की लाश, डबल सुसाइड से मचा हडकंप, पसरा मातम

कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में डबल सुसाइड केस का खुलासा हो गया है. यहां बुधवार को सजेती थानाक्षेत्र के एक खंडहर से युवक और युवती के शव सड़ी गली हालत में मिले थे. शव पांच दिन पुराने थे. बदबू आने की वजह से लोगों ने खंडहर में जाकर चेक किया तो पाया कि वहां दो शव पड़े हैं. पुलिस ने बताया कि शव चाचा और भतीजी के थे. जो कि घाटमपुर निवासी थे. उनके बीच अफेयर चल रहा था.
घर वालों को जब दोनों के अफेयर की भनक लगी तो उन्होंने लड़की की शादी कहीं और तय कर दी. 15 फरवरी को लड़की की शादी थी. लेकिन उससे एक रात पहले ही लड़की घर से गायब हो गई. परिजन फौरन युवक के घर पहुंचे जो कि रिश्ते में लड़की का चाचा लगता था. लेकिन वो भी घर से गायब था. फिर उनके शव सचेती स्थित खंडहर से मिले.
पुलिस ने बताया कि घाटमपुर की रहने वाली सोनी की 15 फरवरी को शादी थी. लेकिन उसका अपने रिश्ते में चाचा लगने वाले 25 साल के अंकित से कई सालों से अफेयर चल रहा था. दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे. लेकिन एक ही गांव में पड़ोस में रहने के चलते रिश्ते में चाचा होने का संबंध उन दोनों के प्यार में बाधा बना हुआ था. दोनों जानते थे उनकी शादी नहीं हो पाएगी. अंकित ने पहले भी सोनी से कहा था कि चलो भाग चलते हैं लेकिन उसने घर छोड़ने से मना कर दिया था.
इधर घर वालों को उनके रिश्ते की भनक हो गई थी. इसलिए सोनी के घर वालों ने उसकी शादी तय कर दी और 15 फरवरी को उसकी शादी थी. लेकिन 14 फरवरी को ही दोनों रात में अपने घर से निकल गए. घर में शादी की तैयारी हो गई थी. मंडप सजा था. लेकिन लड़की ही घर पर नहीं थी. घर वालों ने पता किया तो अंकित भी घर से गायब था. इसलिए समझने में देर नहीं लगी कि दोनों घर से एक साथ भागे हैं.
दुपट्टे से लटके मिले दोनों के शव
पुलिस को खबर दी गई और घर वाले इधर-उधर घूमते रहे. लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. बुधवार की शाम को घाटमपुर से कई किलोमीटर दूर सजेती के एक टूटे मकान में दोनों एक ही दुपट्टे से लटके मिले. दोनों ने एक साथ खुदकुशी कर ली थी. पुलिस ने दोनों का पंचनामा करके बॉडी पोस्टमार्टम को भेजी है. घर वाले इस घटना के बारे में कुछ भी बात करने से मना कर रहे हैं. क्योंकि घर में शादी का माहौल था. ऐसे में बेटी ही घर से भाग जाए तो घर वाले क्या करें.
घर वालों ने कोई शिकायत नहीं की.
पुलिस के डीसीपी महेश कुमार का कहना है दोनों के बीच चाचा-भतीजी का रिश्ता था. दोनों में प्रेम संबंध था और दोनों शादी से एक दिन पहले घर से भागे थे. ये प्रेम के चलते खुदकुशी करने का मामला लग रहा है और घर वालों ने भी कोई शिकायत नहीं की है.
डीसीपी महेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन रिश्ते की जटिलता के कारण शादी संभव नहीं थी. घरवालों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है. इसलिए पुलिस इसे प्रेम प्रसंग में खुदकुशी का मामला मान रही है. 
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20 साल छोटी भतीजी के प्यार में चाचा दीवाना, बिना शादी के 17 दिन तक मनाया हनीमून

कोटा : राजस्थान के कोटा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां रिश्ते में लगने वाला चाचा 20 साल छोटी भतीजी को बहला फुसलाकर अपने साथ मध्यप्रदेश ले गया. जहां उसने नाबालिग को करीब 17 दिनों तक अपने साथ किराए के मकान में रखा. पुलिस जैसे तैसे नाबालिग को  ढूंढकर ले आई. लेकिन अभी नाबालिग ने अपने माता-पिता के पास रहने से ही मना कर दिया है. ऐसे में बाल कल्याण समिति ने उसे बालिका गृह में रखा है.
भतीजी ने अब माता पिता के पास जाने से मना कर दिया
दरअसल कोटा जिले के कुन्हाड़ी क्षेत्र में आठवीं क्लास तक पढ़ी एक नाबालिग को उसका पड़ोसी जो रिश्ते में उसका चाचा लगता है. 14 अगस्त को घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. जब परिजनों ने इसकी खबर पुलिस में दी तो पुलिस से 17 दिन बाद उसे मध्य प्रदेश से ढूंढकर भी लेकर आ गई. लेकिन जब बाल कल्याण समिति के अधिकारियों ने काउंसलिंग की दो नाबालिग ने अपने माता-पिता के साथ जाने से ही मना कर दिया है. नाबालिग को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने वाला उसका चाचा मजदूरी का काम करता है. जिसके दो बच्चे भी है.
जानिए ऐसे शर्मनाक मामलों पर क्या है कानूनी विशेषज्ञों की सलाह
कानूनी विशेषज्ञों की माने तो राजस्थान में हर रोज करीब 15 से 20 मामले नाबालिग लड़के और लड़कियों की गुमशुदगी के दर्ज होते हैं. हालांकि इनमें लड़कों का कारण तो यही माना जाता है कि घर वालों के किसी बात पर विवाद को लेकर वह घर छोड़कर गए हैं. वहीं यदि नाबालिग लड़कियों की बात करें तो आदिवासी इलाके में गुमशुदा हुई लड़कियों का कई सालों तक ही पता नहीं चल पाता है. इन इलाकों में कई ऐसे गिरोह सक्रिय है जो नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं. फिर उन्हें दूसरे राज्यों में देह व्यापार के धंधे में धकेल देते हैं या फिर बेच देते हैं.
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