दवाओं के दस्तावेजों में अनियमितता, मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का लायसेंस सस्पेंड, कई अस्पतालों का लापरवाही पर किया गया पंजीयन निरस्त

Irregularities in documents of medicines license of Maa Lakshmi Medical Store suspended registration of many hospitals canceled due to negligence

दवाओं के दस्तावेजों में अनियमितता, मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का लायसेंस सस्पेंड, कई अस्पतालों का लापरवाही पर किया गया पंजीयन निरस्त

दवाओं के दस्तावेजों में अनियमितता, मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का लायसेंस सस्पेंड

कोंडागांव : खाद्य एवं औषधि प्रशासन के द्वारा दवाईयों की गुणवत्ता जांच और खरीदी बिक्री के दस्तावेजों के नियमानुसार संधारण के लिए मेडिकल स्टोर में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है.
कलेक्टर  कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर.के. सिंह के मार्गदर्शन में औषधि विभाग द्वारा जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया.
निरीक्षण के दौरान शेड्यूल एच1 एवं नार्कोटिक दवाईयों के खरीदी-बिक्री दस्तावेजों की जांच की गई. सभी मेडिकल स्टोर के संचालकों को आवश्यक दस्तावेजों का नियमानुसार संधारण करते हुए दवाईयों को उचित तापमान में रखने एवं सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए निर्देशित किया गया. औषधि विभाग द्वारा फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बड़ेडोंगर में संचालित मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का औषधि लायसेंस निलंबित किया गया.
निरीक्षण के दौरान शेडयूल एच1 एवं अन्य दवाईयों के खरीदी-बिक्री दस्तावेजों का जांच किया गया. जांच में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अनियमितताएँ पायी गई थी. जिसके लिये फर्म के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया था. जवाब संतोषप्रद न होने पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने इस कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए फर्म मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का ड्रग लायसेंस 7 दिवस के लिए निलंबित किया है.
इसी तरह कोण्डागांव शहर में संचालित न्यु शांति मेडिकोज से दवाईयों की गुणवत्ता जांच के लिए एमोनेक्स्ट क्रीम नामक दवाई को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया.
जिले में संचालित सभी मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण के दौरान समय-समय पर दवाईयों के गुणवत्ता जॉच हेतु औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा जाता है. औषधि विभाग द्वारा सभी मेडिकल संचालकों को दवाईयों से संबंधित सभी दस्तावेजों को नियमानुसार संधारित करने एवं मानक दवाईयों की ही बिक्री करने के निर्देश दिये गए हैं. साथ ही दवाईयों के क्रय-विक्रय दस्तावेजों एवं शेड्यूल एच1 रजिस्टर का नियमानुसार संधारण एवं नार्कोटिक दवाई, एमटीपी किट जैसे दवाईयों को पंजीकृत डॉक्टर के प्रिस्कीप्सन के बिना विक्रय न किये जाने के निर्देश दिये गए.
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कई अस्पतालों का लापरवाही पर किया गया पंजीयन निरस्त

रायपुर : राज्य नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ द्वारा आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजनांतर्गत नियम खिलाफ काम करने वाले अस्पतालों पर नियमित रुप से कार्यवाही की जा रही है. राज्य नोडल एजेंसी को अस्पतालों के खिलाफ अनावश्यक पैकेज ब्लॉक करने, अनावश्यक आई.पी.डी. और आई.सी.यू. के पैकेज ब्लॉक करने, योजनांतर्गत लाभ देने से मना करने, अतिरिक्त नगद राशि लिए जाने इत्यादि की शिकायतें मिली थी. जिसक वजह से अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. अस्पतालों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नही होने या स्पष्टीकरण नहीं देने वाले अस्पतालों पर कार्यवाही की गई है.
इसके अंतर्गत बाबूजी केयर हॉस्पिटल रायपुर और समता हॉस्पिटल डोण्डी लोहारा बालोद द्वारा अनावश्यक रूप से पैकेज ब्लॉक करने व उच्चाधिकारियों के आदेश पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने की वजह से इनका योजनांतर्गत पंजीयन निरस्त कर दिया गया है. जय अम्बे मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रायपुर द्वारा गलत तरीके से आई.सी.यू. के पैकेज ब्लॉक करने के कारण जारी स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राशि 31 लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और तीन महीने के लिए अस्पताल को योजना से निलंबित किया गया है.
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