राजकीय सम्मान के साथ दी गई मनमोहन सिंह को आखिरी विदाई, पीएम, राहुल गांधी, प्रियंका समेत राष्ट्रपति भी रहे मौजूद, दी 21 तोपों की सलामी
Manmohan Singh was given a final farewell with state honours, PM, Rahul Gandhi, Priyanka and the President were also present, 21 gun salute was given
दिल्ली : गुरुवार 26 दिसंबर रात मनमोहन सिंह का दिल्ली के AIIMS अस्पताल में निधन हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया. मनमोहन सिंह की बड़ी बेटी ने उन्हें मुखाग्नि दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के निगम बोध घाट पर पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि दी. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पीएम मोदी निगम बोध घाट पहुंछे. उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे.
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार से पहले करीब एक घंटे तक कांग्रेस मुख्यालय में रखा गया. यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता ने भी उनके अंतिम दर्शन किया. मनमोहन सिंह को 21 तोपों की सलामी के अंतिम विदाई दी गई.
गुरुवार सुबह मनमोहन सिंह की अंतिम यात्रा कांग्रेस मुख्यालय से शुरु हुई. यहां राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे वाहन में ले जाया गया. इस दौरान समर्थकों ने "मनमोहन सिंह अमर रहें" के नारे लगाए.
कांग्रेस कार्यालय से निगम बोध घाट तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई. यात्रा में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे.
सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता, नेता और समर्थक अंतिम यात्रा में शामिल हुए राहुल गांधी रास्ते में मनमोहन सिंह के परिवार के साथ थे। वह पार्थिव शरीर ले जा रहे ट्रक पर खड़े थे. बाद में अर्थी को कंधा दिया. अंतिम यात्रा को लेकर राजा राम कोहली मार्ग, राजघाट रेड लाइट, सिग्नेचर ब्रिज और युधिष्ठिर सेतु पर यातायात में बदलाव किया गया.
मनमोहन सिंह के निधन के बाद केंद्र सरकार ने 1 जनवरी तक सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. इस दौरान पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. सभी भारतीय मिशनों और उच्चायोगों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. शनिवार को सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और सरकारी कंपनियों में आधे दिन की छुट्टी दी गई. हरियाणा, पंजाब, मणिपुर, राजस्थान, बिहार और असम समेत कई राज्यों ने आधिकारिक शोक घोषित किया है.
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने डॉ. मनमोहन सिंह के लिए कसीदे पढ़े. जिसमें उन्होंने कहा, “मनमोहन सिंह, आपका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा” सिद्धू ने आगे यह भी कहा कि किसी भी नेता का योगदान और उसकी सेवा को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्मारक का स्थान और सम्मान का फैसला एक राष्ट्रीय मुद्दा है न कि किसी पार्टी विशेष का. सिद्धू ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी के लिए भी स्मारक पर विवाद उठता तो यह देश के लिए ठीक नहीं होता.
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट में कहा- भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। इसके पूर्व भारत के सभी प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर किया जाता था. सिख समाज से आने वाले, पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त, 10 साल भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह जी के अंतिम संस्कार और समाधि के लिए बीजेपी सरकार 1000 गज जमीन भी न दे सकी?
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI
कांग्रेस कार्यसमिति ने डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में पारित किया शोक प्रस्ताव
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस कार्य समिति ने शनिवार को न सिर्फ एक शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें अपनी श्रद्धाजंलि दी. बल्कि देश के विकास में उनके अहम योगदान को भी याद किया.
समिति ने उन्हें देश के आर्थिक उदारीकरण का शिल्पकार बताते कहा कि अपनी दूरदर्शिता से उन्होंने देश को आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभायी. आर्थिक सुधारों की शुरुआत उन्होंने अपने समय में ही की थी. वैश्विक बाजार के लिए देश के द्वार खोले. जिसका नतीजा यह है कि देश आज एक मजबूत आर्थिक ताकत बनकर दुनिया के सामने खड़ा है.
कार्यसमिति ने इस दौरान उनकी यादों को जिंदा रखने और उनके योगदान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. समिति ने कहा कि आर्थिक सुधार, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के क्षेत्र में किए गए उनके कार्य सदैव हमें प्रेरित करेंगे. उन्होंने ईमानदारी, परिश्रम और सहानुभूति के जो आदर्श स्थापित किए है. वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक दीपस्तंभ बने रहेंगे. डॉ. सिंह का नेतृत्व और अर्थशास्त्र में उनका योगदान हमेशा जीवित रहेगा.
डॉक्टर सिंह कांग्रेस कार्यसमिति के भी लंबे समय तक सदस्य रहे. कार्य समिति ने पारित अपने शोक प्रस्ताव में कहा है कि डॉक्टर मनमोहन सिंह ने 13वें प्रधानमंत्री के रुप में देश का नेतृत्व शांति, दृढ़ संकल्प व असाधारण बुद्धिमत्ता के साथ किया. उनका कार्यकाल निरंतर आर्थिक वृद्धि, वैश्विक पहचान और सामाजिक प्रगति से चिह्नित था.
उन्होंने 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान देश को बचाने के लिए अहम रणनीतिक उपाय किए. जिसका असर यह था देश उस संकट से बचकर निकला. उनके नेतृत्व में मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, ऐतिहासिक भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर डील, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून व सूचना का अधिकार जैसे कानूनों के जरिए देश को सशक्त बनाने की कोशिश की है.
प्रस्ताव में कहा गया है कि राजनेता के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एक सम्मानित शिक्षाविद् भी थे. उनकी अर्थशास्त्र की गहरी समझ और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने अनगिनत छात्रों, विद्वानों और नीति निर्माताओं को प्रेरित किया.
समिति ने उनकी विनम्रता और शालीनता को भी याद किया और कहा कि उनका व्यवहार शांत, संतुलित और हमेशा ईमानदारी से प्रेरित था. यही नहीं, किस तरह गरिमा, विनम्रता किसी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के चरित्र का हिस्सा हो सकती है. वे इसकी बड़ी मिसाल थे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



