जस्टिस गुलाम मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बने डॉ. सलीम राज

No confidence motion passed against Justice Ghulam Minhajuddin Dr Salim Raj becomes Chairman of Chhattisgarh State Waqf Board

जस्टिस गुलाम मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बने डॉ. सलीम राज

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के कार्यालय में आज सुबह हुई बैठक में अध्यक्ष जस्टिस गुलाम मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया. इसके बाद सर्वसम्मति से डॉ सलीम राज को बोर्ड का अध्यक्ष चुना गया.
दरअसल कांग्रेस की सरकार के दौरान न सिर्फ जस्टिस मिन्हाजुद्दीन बल्कि इमरान मेमन, पूर्व विधायक खुज्जी, फिरोज खान और रियाज हुसैन की भी सदस्य के बतौर नियुक्ति की गई थी. वहीं अधिवक्ता फैसल रिजवी पूर्व से ही वक्फ बोर्ड के सदस्य रहे हैं. तब सर्वसम्मति से जस्टिस मिन्हाजुद्दीन को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया.
इस बीच हालात बदले और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बन गई. जिसके बाद पूर्व में हज कमेटी के अध्यक्ष रहे डॉ सलीम राज को वक्फ बोर्ड का सदस्य बनाया गया. इसके पीछे रणनीति उन्हें अध्यक्ष बनाने की थी.
हालांकि उनकी नियुक्ति के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. तब कोर्ट ने पहले तो उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी. मगर बाद में उनकी नियुक्ति को नियम के तहत होना पाया.
डॉ सलीम राज को वक्फ बोर्ड का सदस्य नियुक्त किये जाने के साथ ही छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जस्टिस गुलाम मिन्हाजुद्दीन को हटाने की कवायद शुरु हो गई. इस दौरान कांग्रेस के समय नियुक्त सदस्य ही अध्यक्ष मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ हो गए. वक्फ बोर्ड के सदस्य इमरान मेमन, पूर्व विधायक खुज्जी, फिरोज खान, फैसल रिजवी और भाजपा सरकार में नियुक्त सदस्य सलीम राज ने अध्यक्ष मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ राज्य शासन के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया. अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दशरथ लाल साहू पिछड़ा वर्ग और अल्प संख्यक विकास विभाग पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए थे.
पीठासीन अधिकारी दशरथ लाल साहू ने इस प्रस्ताव के बारे में वक्फ बोर्ड के सभी सदस्यों को 26/09 /2024 की तारीख़ वाली नोटिस जारी की थी. अविश्वास प्रस्ताव की कारवाई के लिए 14 अक्तूबर 2024 को दिन के साढ़े दस बजे वक्फ बोर्ड कार्यालय में हाजिर होने की जानकारी दी गई.
इस बीच वक्फ बोर्ड के सदस्य रियाज हुसैन ने इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी है. उनके द्वारा धारा 20क के तहत लाए गए अविशवास प्रस्ताव के बारे में 20 क (घ)के परंतुक के तहत यह प्रावधान है :- ऐसी बैठक की सूचना कम से कम (एटलीस्ट) 15 दिन पहले दी जाएगी.
उनका कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव की बैठक नोटिस तामिली दिनांक के 15 दिन के भीतर की जा रही है. जो धारा 20 क (घ) के (मेंडेटरी) अनिवार्य आदेशात्मक प्रावधान का उल्लंघन है. रियाज हुसैन की याचिका पर सुनवाई के लिए 14/10/2024 से शुरु होने वाले हफ्ते में लिस्ट होना बताया जा रहा है.
पीठासीन अधिकारी द्वारा पूर्व में दी गई सूचना के तहत छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर के कार्यालय में आज सुबह 10:30 बजे बैठक आयोजित की गई. जिसमें कुल 5 सदस्य मौजूद रहे. इनमें से सदस्य इमरान मेमन, फिरोज खान, फैसल रिजवी और सलीम राज ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अध्यक्ष गुलाम मिन्हाजुद्दीन को बहुमत के आधार पर सभापति / अध्यक्ष के पद से हटाने का संकल्प पारित किया.
इसके बाद नियम के मुताबिक नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु की गई. इस दौरान डॉ. सलीम राज को मौजूद सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति / बहुमत से छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया. इस मौके पर बोर्ड के सदस्यों, कर्मचारियों और समर्थकों द्वारा नवनिर्वाचित सभापति / अध्यक्ष को बधाई दी.
बहरहाल डॉ सलीम राज छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के नए अध्यक्ष निर्वाचित हो चुके हैं और उन्हें बधाइयां मिल रही हैं. हालांकि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में दायर याचिका को लेकर हाई कोर्ट के रुख का भी संबंधित पक्षों को इंतजार है. जिसकी सुनवाई फिलहाल शुरु नहीं हुई है.
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