28 जोड़ों के सामूहिक विवाह के नाम पर लाखों लूटकर आयोजक फरार, 22 बारात बैरंग वापस लौटी, पुलिस की हिरासत में 3 आरोपी, बाकी आरोपियों की तलाश जारी

Organizers absconded after looting lakhs in the name of mass marriage of 28 couples, 22 wedding processions returned empty handed, 3 accused in police custody, search for the remaining accused continues

28 जोड़ों के सामूहिक विवाह के नाम पर लाखों लूटकर आयोजक फरार, 22 बारात बैरंग वापस लौटी, पुलिस की हिरासत में 3 आरोपी, बाकी आरोपियों की तलाश जारी

राजकोट : शहर में एक अजब घटना में शनिवार को सामूहिक विवाह (mass marriage) से पहले ही आयोजक फरार हो गए. वर-वधू पक्ष से लाखों रुपए की राशि लेकर आयोजकों के फरार होने पर हंगामा किया गया. 28 में से 22 बारात बैरंग लौट गई. हरकत में आई राजकोट पुलिस (Rajkot Police) ने मोर्चा संभाला और मौके पर मौजूद 6 जोड़ों का विवाह कराया.
मिली जानकारी के मुताबिक ऋषिवंशी समाज सेवा संघ, राजकोट की तरफ से शहर के माधापर चौकडी के पास सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था. शनिवार सुबह से ही विवाह स्थल पर 28 बारात पहुंच गई. उधर आयोजकों के नहीं दिखने पर वर-कन्या और पूरे सौराष्ट्र से आए बारातियोंं ने आयोजन स्थल पर खूब हंगामा किया. इन लोगों ने सामूहिक विवाह के मुख्य आयोजक चंद्रेश छत्रोला के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया..
इधर कन्या पक्ष की महिलाओं की आंखों से आंसू बहने लगे. वर-कन्या के ज्यादातर परिजनों के मुताबिक उन्होंने ब्याज पर रुपए लेकर विवाह के लिए रकम जमा कराई थी. काफी समय तक इंतजार करने के बाद 22 बारात लौट गई.
ऋषिवंशी समाज सेवा संघ के बैनर तले सामूहिक विवाह का आयोजन करने वाले छत्रोला, दिलीप गोहेल, दीपक हिराणी के अलावा हार्दिक शिशांगिया, मनीष विठलापरा और दिलीप वरसडा मौके से फरार हो गए. छत्रोला भाजपा कार्यकर्ता बताया जा रहा है. सामूहिक विवाह के आयोजकों ने राजकोट के अलावा धोराजी, गोंडल, जूनागढ़, मोरबी, केशोद, जामनगर, जाम कंडोरणा, कालावड सहित सौराष्ट्र के गरीब परिवारों को 208 वस्तुएं देने का और आकर्षक निमंत्रण पत्र छपवाकर झांसा देकर तैयार किया था. इन परिवारों से 20-20 हजार रुपए लेकर रसीद भी दी गई.
इस मामले की खबर मिलने पर जोन 1 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सज्जनसिंह परमार, सहायक आयुक्त (ACP) राधिका भाराई, मनपा में विपक्ष के नेता वशराम सागठिया सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची. गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी के निर्देश पर पुलिस ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 6 जोड़ों का विवाह कराया. मौके पर मौजूद लोगों को एक ट्रस्ट की मदद से भोजन कराया गया.
जब लड़कियों को पता चला कि शादी अचानक रद्द हो गई है तो वे फूट-फूट कर रोने लगीं. जब शादी में आई महिलाओं ने आयोजकों को गालियां देनी शुरु कर दीं. सामूहिक विवाह में आई दुल्हन और महिलाएं आयोजकों को कोस रही थीं.
डीसीपी परमार ने कहा कि आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वर-कन्या पक्ष के लोगों ने आयोजकों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उधर मुख्य आयोजक चंद्रेश छत्रोला अस्पताल पहुंचा. उसने खुद को टाइफाइड होने का बचाव किया. साथ ही अस्पताल में भर्ती होने का स्टेटस सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. वह शुक्रवार देर रात को मवड़ी इलाके के निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था और शनिवार सुबह छुट्टी लेकर फरार हो गया. राजकोट में सामूहिक विवाह के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है. एसओजी (SOG) टीम (Team) ने दिलीप गोहेल, मनीष मनीष विठलापरा और दीपक हिराणी को अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरु की है.
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