चंद पैसों के लिए देश से गद्दारी, पाकिस्तानी आकाओं को गोपनीय जानकारी देने वाला इंजीनियर दीपराज चंद्रा गिरफ्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा

Betrayal against the country for a few bucks, engineer Deepraj Chandra who gave confidential information to Pakistani masters arrested, big threat to national security

चंद पैसों के लिए देश से गद्दारी, पाकिस्तानी आकाओं को गोपनीय जानकारी देने वाला इंजीनियर दीपराज चंद्रा गिरफ्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा

उत्तर प्रदेश के मूल निवासी, जो बेंगलुरु में बी.ई.एल. में इंजीनियर को खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान में व्यक्तियों को खुफिया एजेंसियों ने रडार सिस्टम पर संचार सहित अन्य सूचनाएं लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. रडार प्रणालियों पर संचार सहित संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गुरुवार, 20 मार्च को कहा कि बेंगलुरु में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के मूल निवासी इंजीनियर दीपराज चंद्रा उम्र 36 साल को पाकिस्तान में कुछ व्यक्तियों को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. 
परमेश्वर ने कहा बीईएल में दीपराज चंद्रा नामक वरिष्ठ इंजीनियर था. हमारे खुफिया और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने उसे पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में रहने की वजह से सुरक्षित रखा था... उसने सबसे गोपनीय जानकारी साझा की थी. 
वह देशद्रोह में शामिल था. सैन्य खुफिया विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है. यह एक डरावना मामला है. उसने देश द्वारा निर्मित उपकरणों के बारे में कई हम जानकारी और फैसले साझा किए थे.
चंद्रा बीईएल की शोध टीम का सदस्य था. उसे बिटकॉइन भुगतान के बदले में भारतीय सरकारी कार्यालयों के बारे में संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को लीक करने के आरोप में पकड़ा गया था. आरोपी पर कार्यालय लेआउट, वरिष्ठ अधिकारियों और उत्पादन प्रणालियों से संबंधित संवेदनशील विवरण साझा करने का शक है.
लीक हुई जानकारी में संचार और रडार सिस्टम, ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उच्च पदस्थ अधिकारियों के बारे में विवरण शामिल हैं. पाकिस्तान में प्राप्तकर्ता अभी भी जांच के दायरे में है.
जांचकर्ताओं को शक है कि उसने गोपनीय जानकारी तैयार की. एक अलग ईमेल आईडी बनाई और पहचान से बचने के लिए सीधे संदेश भेजने के बजाय लॉगिन क्रेडेंशियल साझा किया. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने जांच शुरु कर दी है और लीक की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए डिजिटल लेनदेन और संचार पर भी नज़र रख रही है. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है.
सूत्रों का कहना है कि चंद्रा पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में थे. उन्होंने व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया. इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत के रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए विदेशी खुफिया नेटवर्क कितने परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं.
चंद्रा मूल रुप से उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद का निवासी है और मात्तीकेरे, बेंगलुरु में रहता है. खुफिया स्रोतों ने खुलासा किया कि वह करीब तीन साल से जासूसी में शामिल था. उसने इंटरनेट कॉल के जरिए पाकिस्तानी ऑपरेटरों के साथ संपर्क बनाए रखा. पहचान से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड प्लेटफार्मों का उपयोग किया.
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