महाकुंभ में महिलाओं की गोपनीयता पर संकट, Telegram और Facebook पर बिक रही तस्वीरें और वीडियो, सीपीसीबी- नहाने लायक नहीं गंगा-यमुना का पानी

Crisis on women's privacy in Mahakumbh, photos and videos being sold on Telegram and Facebook, CPCB - Ganga-Yamuna water not fit for bathing

महाकुंभ में महिलाओं की गोपनीयता पर संकट, Telegram और Facebook पर बिक रही तस्वीरें और वीडियो, सीपीसीबी- नहाने लायक नहीं गंगा-यमुना का पानी

नहाने लायक नहीं है गंगा-यमुना का पानी, एनजीटी ने अधिकारियों को किया तलब

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को एक रिपोर्ट में सूचित किया है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान कई स्थानों पर नदी के पानी में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर स्नान की गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं कर रहा है. सीपीसीबी रिपोर्ट का हवाला देते हुए एनजीटी ने आदेश में कहा कि प्रयागराज में बड़ी तादाद में लोगों के स्नान करने से मल की मात्रा बढ़ी है.
फीकल कोलीफॉर्म जल में सीवेज प्रदूषण का एक मार्कर है. सीपीसीबी के मानकों ने 100 मिलीलीटर पानी में 2,500 इकाई फीकल कोलीफॉर्म की अनुमति सीमा निर्धारित की है. एनजीटी की बेंच जिसमें अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल शामिल हैं. एक याचिका सुन रहे हैं जिसका मकसद प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों में सीवेज के छोड़ने को रोकना है.
स्नान के लायक नहीं पानी
एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान जिस नदी में लोगों ने पवित्र स्नान किया था, उसमें फेकल कोलीफॉर्म (मानव और पशुओं के मल से निकलने वाले सूक्ष्म जीव) की उच्च मात्रा पाई गई थी.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी गई रिपोर्ट से पता चला है कि “प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान बड़ी तादाद में लोगों द्वारा नदी में स्नान करने से, जिसमें स्नान के शुभ दिन भी शामिल हैं, मल की सांद्रता में वृद्धि हुई.”सीपीसीबी की रिपोर्ट 3 फरवरी को हरित न्यायालय को सौंपी गई.
आदेश में कहा गया कि केंद्रीय प्रयोगशाला, यूपीपीसीबी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड] के प्रभारी द्वारा भेजे गए 28 जनवरी, 2025 के कवरिंग पत्र के साथ संलग्न दस्तावेजों के अवलोकन से पता चलता है कि विभिन्न स्थानों पर मल और कुल कोलीफॉर्म का उच्च स्तर पाया गया है.प्रदूषित जल में स्नान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है
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महाकुंभ में महिलाओं की गोपनीयता पर संकट, Telegram और Facebook पर बिक रही तस्वीरें और वीडियो

महाकुंभ : रिपोर्ट के मुताबिक महाकुंभ में स्नान करने वाली महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो चोरी-छिपे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेचे जा रहे हैं. विशेष रूप से, Telegram और Facebook पर इन तस्वीरों और वीडियो की नीलामी हो रही है. जहां कुछ चैनलों पर एक्सेस के लिए 1999 से 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. कुंभ स्नान की आपत्तिजनक तस्वीरों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है.
महाकुंभ में स्नान करने आईं महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो कुछ लोग रिकॉर्ड कर रहे हैं. ये लोग भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल कैमरों या छिपे हुए कैमरों से इनकी रिकॉर्डिंग कर लेते हैं. इसके बाद, ये कंटेंट गुप्त रूप से Telegram और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर डाला जाता है. जहां इसे देखने के लिए लोगों से मोटी रकम वसूली जाती है.
Telegram पर कई ऐसे चैनल सक्रिय हैं. जहां इन तस्वीरों और वीडियो को देखने के लिए पैसे मांगे जाते हैं. साइबर अपराधियों द्वारा महिलाओं की निजता का घोर उल्लंघन करते हुए इस तरह के कंटेंट की बिक्री की जा रही है. जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
यह मामला न सिर्फ साइबर अपराध की श्रेणी में आता है. बल्कि यह महिलाओं की निजता और गरिमा के खिलाफ एक बड़ा हमला भी है. सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए. ऐसे कृत्य करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने की हिम्मत न जुटा सके.
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