धमतरी वाटर प्लांट में अजगर का रेस्क्यू, मच गई चीख पुकार, फिल्टर चेंबर में घुसने से पहले स्नेक कैचर ने बचाया, घर से रसेल वाइपर को भी पकड़ा
Python rescued at Dhamtari Water Plant, sparking outcry; snake catcher rescues python before it enters filter chamber, also catches Russell's viper from home
धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को एक बड़ी सांप रेस्क्यू घटना सामने आई. जिसमें सर्पमित्र सूर्यकांत साहू ने नगरवासियों की जान और जल स्रोत को सुरक्षित रखा. नहर किनारे स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में अजगर घुसने की खबर मिलने पर उन्होंने फौरन कार्रवाई की और करीब 8 फीट लंबा और 12 किलो वजनी अजगर को रेस्क्यू किया.
सूर्यकांत साहू ने से मिली जानकारी के मुताबिक अजगर फिल्टर चेंबर में प्रवेश ही कर रहा था अगर वह अंदर घुस जाता तो शहर के जल स्रोत में दूषित पानी पहुंचने का खतरा था. अजगर के चेंबर में घुसने की स्थिति में उसके अवशेष पानी के साथ शहरवासियों तक पहुंच सकते थे. जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं. उन्होंने अजगर को सुरक्षित स्थान पर छोड़कर फिल्टर प्लांट और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया.
इससे पहले सूर्यकांत साहू ने मुरुमसिल्ली गांव में भी एक जहरीले सांप, रसेल वाइपर, का रेस्क्यू किया. जब वे गांव में गश्त कर रहे थे. तब लोगों ने सांप होने की खबर दी. उन्होंने फौरन पहुंचकर वाइपर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया और इसे बाहर निकाला.
सर्पमित्र सूर्यकांत साहू ने अजगर और रसेल वाइपर दोनों के रेस्क्यू का वीडियो भी बनाया. उनका कहना है कि इस वीडियो का मकसद लोगों को इन दोनों सांपों के बीच फर्क समझाना और जागरुक करना है. उन्होंने बताया कि आमजन अक्सर अजगर और जहरीले सांपों में फर्क नहीं कर पाते. जिससे अनजाने में खतरे का सामना कर सकते हैं.
सूर्यकांत साहू का कहना है कि उनका काम सिर्फ सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ना नहीं है. बल्कि लोगों को जागरुक करना भी है. उन्होंने स्थानीय निवासियों को चेतावनी दी कि अगर किसी भी सांप को घर या पानी के स्रोत में देखा जाए तो उन्हें फौरन खबर दें और खुद प्रयास करने की बजाय विशेषज्ञ की मदद लें.
धमतरी जिले में यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के लिए भी चेतावनी है कि सांप और मानव बसावट के बीच टकराव को नियंत्रित करने के लिए और जागरुकता अभियान चलाना जरुरी है. सूर्यकांत साहू ने बताया कि अजगर और रसेल वाइपर दोनों को सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया गया है और अब ये लोग और पर्यावरण के लिए खतरा नहीं हैं. इसतरह सर्पमित्र सूर्यकांत साहू की सतर्कता और निपुणता ने नगरवासियों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और संभावित खतरे से बचाया. जबकि सांपों को भी सुरक्षित रखा गया.
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