प्रार्थना सभा से हंगामा, एक गिरफ्तार, सरकारी जमीन पर बने कथित चर्च पर बिना नोटिस के चला बुलडोजर, शिकायत पर हुई कार्रवाई
Ruckus due to prayer meeting, one arrested, bulldozer ran on alleged church built on government land without notice, action taken on complaint
बिलासपुर/पचपेड़ी : बिलासपुर जिले में पचपेड़ी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जौंधरा में घर में आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर बड़ा हंगामा हो गया. ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक इतनी बढ़ी कि मामला थाने तक पहुंचा और पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. घटना ने पूरे इलाके में धार्मिक स्वतंत्रता और सामुदायिक तनाव पर बहस छेड़ दी है.
ग्राम पंचायत जौंधरा निवासी सुखनंदन लहरे अपने घर में नियमित रुप से प्रार्थना सभा आयोजित करते रहे हैं. रविवार शाम भी करीब 150 से ज्यादा लोग उनके घर पहुंचे थे. जहां धार्मिक गीत और प्रार्थना की जा रही थी. इसी बीच कुछ लोगों ने विरोध किया और कहा कि यह सभा समाज में वैमनस्य फैला सकती है. विवाद बढ़ने पर मामला सीधे पचपेड़ी थाना पहुंचा. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा को रुकवाया और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि सभा में बाहरी लोग शामिल होकर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, समर्थकों का कहना है कि यह पूरी तरह धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है और किसी को प्रार्थना करने से रोकना असंवैधानिक है.
गिरफ्तारी के विरोध में प्रार्थना सभा में शामिल लोग थाने के सामने इकट्ठा हो गए और नारेबाज़ी की. उनका कहना था कि जब संविधान ने हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता दी है तो किसी भी सभा पर रोक लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. इस दौरान थाने के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा.
यह विवाद केवल एक गांव का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए. गांव के वरिष्ठ लोगों ने प्रशासन से अपील किया कि किसी भी तरह के सामूहिक आयोजन में शांति और आपसी विश्वास को प्राथमिकता दी जाए.
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कथित सरकारी जमीन पर बने चर्च पर बिना नोटिस के चला बुलडोजर
बिलासपुर : बिलासपुर जिले में सकरी थाना क्षेत्र के भरनी मेंअवैध बने और कथित रुप से धर्मांतरण में शामिल चर्च पर प्रशासन ने सोमवार को बिना किसी नोटिस के ही बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया.
आरोप के मुताबिक यह भवन सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के बनाया गया था. और लंबे समय से इसे चर्च के रुप में उपयोग किया जा रहा था. इस चर्च में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगा था. इसके बाद हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से शिकायत की. शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच में भवन को कथित रुप से अवैध पाया गया. इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को जमींदोज कर दिया.
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए भारी पुलिस तैनात रही.
हिंदूवादी संगठनों ने प्रशासन व पुलिस की सख्ती की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अवैध निर्माण और गतिविधियों पर रोक लगाना बेहद जरुरी है.
वहीं इस पूरे मामले पर आकाश खरे ने बताया कि जिस मकान को बुलडोजर से तोड़ा गया. वह मेरे बड़े भाई महावीर सूर्यवंशी का घर है. ये चर्च नहीं. मकान है. पिछले 8 साल से हम सभी यहां रह रहे हैं. सभी घर सरकारी जमीन पर हैं. पहले कच्चे मकान में रह रहे थे. लेकिन एक-एक पैसा जोड़कर पक्का मकान बनाया, जिसे अब प्रशासन ने तोड़ दिया है. उन्होंने लोन लेकर भवन का निर्माण कराया था.
आकाश ने कहा कि हम यीशु मसीह को मानने वाले लोग हैं. उन पर विश्वास करते हैं. हमारे आसपास चर्च नहीं है. तो घर में ही परिवार के सभी लोग प्रार्थना करते हैं. परिवार के लोग प्रार्थना कर ही रहे थे. तभी पुलिस और प्रशासन की टीम आई और बिना नोटिस दिए बुलडोजर से घर को तोड़ दिया. पंचायत के लोगों ने गालियां दीं. घर में महिलाएं, बच्चे थे. जिनके साथ सभी के सामने बदसलूकी की गई. क्या गरीब का मकान तोड़कर इनको अच्छा लग रहा है.
आकाश खरे ने बताया कि गांव के सभी लोग जब सरकारी जमीन पर घर बना रहे थे. तभी हम लोगों ने भी घर बनाया. लेकिन सिर्फ बड़े भाई के मकान को ही प्रशासन ने तोड़ा. ग्राम पंचायत और संगठन के लोग सिर्फ हमारे ही घरों के विरोध में हैं. बाकि लोगों के भी घर हैं, उनका विरोध नहीं है.
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