राइस मिलर जिला पंचायत अध्यक्ष के गोदाम में SDM ने मारी रेड, मिल संचालकों में हड़कंप, जिले में चर्चा का विषय, खाद्य निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस
SDM raids rice miller Zila Panchayat President's warehouse, sparking panic among mill operators, district headline issue, food inspector issued show cause notice
कोरिया/बैकुंठपुर : जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा की राइस मिल सहित दो मिलों में एसडीएम ने छापा मारा है. कार्रवाई के दौरान भौतिक सत्यापन में धान की भारी कमी और अवैध भंडारण का मामला उजागर हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक मोहित राइस मिल में किए गए सत्यापन में पिछले साल का करीब 500 क्विंटल धान कम पाया गया. इसके अलावा मिल का दो महीने का बिजली बिल भुगतान भी पेंडिंग मिला है. जिसे लेकर अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज की है. छापेमारी के दौरान प्रशासन को कुल 1235 क्विंटल धान गायब मिलने की जानकारी सामने आई है. वहीं, 384 बोरा अवैध धान भी जब्त किया गया है. इस कार्रवाई से मिल संचालकों में हड़कंप मच गया.
गौरतलब है कि मोहित पैकरा वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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राइस मिल सत्यापन में गंभीर अनियमितता, खाद्य निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राइस मिल पंजीयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. गोयल एग्रो केवटी राइस मिल के भौतिक सत्यापन में लापरवाही बरतने के मामले में खाद्य निरीक्षक केल्हारी ममता भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक गोयल एग्रो केवटी द्वारा 11 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन के जरिए राइस मिल पंजीयन के लिए आवेदन पेश किया गया था. इसके बाद खाद्य निरीक्षक द्वारा 15 दिसंबर 2025 को मिल का भौतिक सत्यापन किया गया. हालांकि 22 दिसंबर 2025 को केल्हारी और भरतपुर अनुविभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा पुनः निरीक्षण किए जाने पर कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.
चौंकाने वाली बात यह रही कि संयुक्त निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख पूर्व में खाद्य निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में नहीं किया गया था. संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर कार्यालय खाद्य शाखा ने इसे कार्य के प्रति लापरवाही एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर चूक मानते हुए सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन बताया है.
जारी नोटिस में साफ किया गया है कि मिल में पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख प्रतिवेदन में क्यों नहीं किया गया. इस बारे में तीन दिन के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण पेश करना जरुरी होगा. निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकपक्षीय कार्यवाही किए जाने की चेतावनी भी दी गई है.
इस मामले से खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. वहीं जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि मिल पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे और भी सख्त निगरानी की जाएगी.
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