जनादेश पर भारी सचिव की मनमानी, 3 महीने बाद भी नवनिर्वाचित सरपंच को नहीं मिला पदभार, महिला नेता लगा रही इंसाफ की गुहार

Secretary's arbitrariness prevails over mandate, newly elected Sarpanch has not taken charge even after 3 months, women leader is pleading for justice

जनादेश पर भारी सचिव की मनमानी, 3 महीने बाद भी नवनिर्वाचित सरपंच को नहीं मिला पदभार, महिला नेता लगा रही इंसाफ की गुहार

महासमुंद : महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत घोघरा की महिला सरपंच को चुनाव के 3 महीने बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सरपंच का पदभार नहीं दिया है. जिसके चलते ग्राम पंचायत में विकास कार्य थम गया है. बता दें की करीब ढाई हजार की आबादी वाले गांव के 1635 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर गांव के विकास के लिए मुखिया चुना है. ताकि ग्राम पंचायत में विकास की बयार बहे. लेकिन ग्राम सचिव की लापरवाही के चलते सरपंच को 3 महीने से प्रभार के लिए बाट जोहना पड़ रहा है.
बता दें कि 3 माह से घोघरा पंचायत में सफाई, पानी, बिजली, मजदूरी भुगतान, आवास योजना, वृद्धा पेंशन जैसी योजना ठप्प पड़ी है. ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में आधा किलोमीटर दूर से पानी भरना पड़ रहा है.
नवनिर्वाचित सरपंच सुनीता साहू द्वारा सचिव के ऊपर आरोप लगाया है कि सचिव आत्माराम साहू द्वारा पूर्व कार्यकाल के संधारित किए किसी भी अभिलेखों को नहीं सौंपा जा रहा है.
सुनीता साहू द्वारा इसकी शिकायत जनपद पंचायत सीईओ , कलेक्टर जन दर्शन एवं सुशासन शिविर में भी किया गया है लेकिन अधिकारियों के सुस्त रवैए के चलते आज तक ग्राम सचिव द्वारा सरपंच को प्रभार नहीं दिया गया है. जनपद पंचायत सीईओ ने 25 अप्रैल को सचिव को नोटिस तलब कर 24 घंटे के भीतर प्रभार दिलाने कहा गया लेकिन सचिव द्वारा अपने उच्च अधिकारियों के आदेश को भी दरकिनार कर दिया है.
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