जेल कॉम्प्लेक्स में महिला की हत्या के मामले का हुआ पर्दाफाश, बेवफा को दी मौत की सजा, पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी चितकबरा बाबा को किया गिरफ्तार
The case of murder of a woman in the jail complex was exposed, the unfaithful was given death sentence, the police arrested the accused Chitkabara Baba within 24 hours
रायगढ़ : रायगढ़ के जेल कॉम्प्लेक्स में महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. मृतिका डिलेश्वरी महंत उम्र 35 साल जो भीख मांगकर जिंदगी का गुजारा कर्ने वाली का शव 2 जनवरी 2025 को जेल कॉम्प्लेक्स की गैलरी में पाया गया था.
दोपहर जूटमिल पुलिस को जेल काम्पलेक्स में महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली. डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय, निरीक्षक मोहन भारद्वाज के साथ जूटमिल व साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची.
मृतिका के भाई नरेंद्र दास ने पुलिस को बताया कि डिलेश्वरी महंत जिनके पति की मौत एक साल पहले हो चुकी है. उसके मौत के बाद से डिलेश्वरी अपने ससुराल से रहती थी और पिछले कुछ समय से भीख मांगकर अपनि जिंदगी काट रही थी. डिलेश्वरी की हत्या की खबर पाकर जेल कम्प्लेक्स में जाकर देखा जहां प्रथम तल के गैलरी में दुकान नंबर 04 के सामने बहन की लाश पड़ी थी. सिर, चेहरा, नाक, मुँह में चोट के निशान थे. जूटमिल पुलिस ने मर्ग कायम पंचानामा कार्यवाही कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का जुर्म 01/2025 धारा 103(1) BNS कायम किया गया.
एसपी दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन पर डीएसपी अभिनव उपाध्याय के सुपरविजन में जांच टीम प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने आरोपी का सुराग जुटाने के लिए मृतिका के जान-पहचान वालों से पूछताछ की.
एक गवाह ने बताया कि मृतिका को एक भिक्षुक, जिसे ‘चितकबरा बाबा’ के नाम से जाना जाता है. के साथ देखा गया था. चितकबरा बाबा मौके से फरार था. फौरन पुलिस टीम संदेही की पतासाजी में जुट गई. संदेही के भिच्छुक प्रवृत्ति की जानकारी पर पुलिस ने रेल्वे स्टेशन पर जाकर ऐसे लोगों से पूछताछ किया. जिसमें उसके नया शनि मंदिर के पास होने की जानकारी मिली. पुलिस टीम नया शनि मंदिर पहुंचकर संदेही मनकूराम भोय उर्फ चितकबरा बाबा को हिरासत में लिया. जिससे कड़ी पूछताछ करने पर डिलेश्वरी महंत की हत्या करना कबूल किया.
आरोपी मनकूराम भोय उर्फ चितकबरा बाबा पिता टेटकूराम 54 साल निवासी ग्राम जमीरगीडी धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ ने बताया कि करीब 15 साल पहले उसकी पत्नी की मौत के बाद से पूजापाठ और भीख मांगकर जीवन यापन करते आ रहा है. करीब 6 महीने पहले रायगढ़ आकर भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था.
इसी दौरान रायगढ़ रेल्वे स्टेशन के पास भीक्षा मांगने वाली डिलेश्वरी महंत से जान परिचय हुआ. दोनो अलग-अलग भीख मांगकर कर आते थे और पति-पत्नी की तरह रायगढ़ रेल्वे स्टेशन के पास रहते थे. कुछ दिन पहले डिलेश्वरी वहां से चली आई थी बाद में पता चला कि डिलेश्वरी जेल काम्प्लेक्स के उपर गैलरी में किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहती है. जिसे कई बार साथ चलने के लिए बोला लेकिन जाने से इंकार करती थी.
2 जनवरी 2025 को पूरा सोच विचार कर जेल काम्प्लेक्स गया और डिलेश्वरी को साथ चलने बोला. साथ जाने से मनाकर दी. जिस बात को लेकर दोनो के बीच लडाई झगडा गाली गलौज हुआ. तब डिलेश्वरी को एक झापड मारा तो डिलेश्वरी मुंह के बल गैलरी में गिर गई. जिससे उसके सिर चेहरे में चोट आई. काफी खून बह रहा था. डिलेश्वरी आसपास के लोगों को आवाज लगाने लगी. जिससे डर गया और फंस जाऊंगा सोंचकर डिलेश्वरी के गले में रखे हुए गमछे से उसके गले में लपेट कर दोनो हाथ से पूरी ताकत से खीच दिया. जिससे डिलेश्वरी की मौत हो गई. जिसके बाद वहां से भाग गया
पुलिस ने आरोपी की निशांदेही पर गमछा और आरोपी के घटना समय पहने उसके जैकेट की जप्ती की है. आरोपी को हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया.
एसपी दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के मार्गदर्शन व डीएसपी अभिनव उपाध्याय के सुपरविजन पर तत्काल कार्रवाई कर अज्ञात आरोपी का पता लगाने और गिरफ्तारी में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, खीरेन्द्र जलतारे, कृष्ण कुमार गुप्ता, आरक्षक सुशील यादव, परमानंद पटेल, लखेश्वर पुरसेठ, शशिभूषण साहू की अहम भूमिका और साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान रहा.
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