बोरवेल की खुदाई के दौरान फटी धरती, भारी प्रेशर के साथ बाहर निकलने लगा पानी और गैस, ट्रक-मशीन हो गई दफन, डरकर भाग गए ग्रामीण
The earth cracked during the digging of a borewell, water and gas started coming out with heavy pressure, the truck and machine got buried, the villagers ran away in fear
जैसलमेर : राजस्थान के जैसलमेर के मोहनगढ़ इलाके में एक अनोखी और खतरनाक भूगर्भीय घटना हुई. जिसने सभी को हैरान कर दिया. भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह के खेत में बोरिंग करते समय धरती से अचानक तेज प्रेशर के साथ पानी की धार फूट पड़ी. यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली थी. बल्कि इसके बाद उठे संभावित खतरों ने प्रशासन और विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 10 बजे मोहनगढ़ के चक-27 बीडी के पास भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह के खेत में बोरवेल की खुदाई चल रही थी. बोरवेल खोदते समय जा खुदाई 850 फीट की गहराई पर पहुंची. जमीन अचानक फट गई. लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता. जमीन में एक बड़ा विस्फोट हो गया.
अचानक तेज प्रेशर के साथ पानी धरती से बाहर आने लगा. पानी की यह धारा इतनी पावरफुल थी कि यह जमीन से करीब चार फीट ऊपर तक उठ रही थी. यह दृश्य जितना अद्भुत था. उतना ही डरावना भी था. ग्रामीणों में भारी डर और चिंता फैल गई.
तेज पानी के प्रेशर के चलते घटना स्थल पर करीब 20 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया. इस गड्ढे में बोरवेल की खुदाई कर रही 22 टन वजनी मशीन और उसे ले जाने वाला ट्रक भी समा गए. यह सब इतना अचानक हुआ कि बोरवेल पर काम कर रहे कर्मचारी और आसपास के ग्रामीणों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा. जो कि एक बड़ा नुकसान है. प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों को खाली करवा दिया और ओएनजीसी से मदद लेने के लिए संपर्क किया गया.
इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई. अधिकारियों ने फौरन मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत कार्य शुरु किया. करीब 41 घंटे बाद जाकर पानी का बहाव थमा. यह घटना एक बड़ा सबक है कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी और कहीं भी आ सकती हैं और हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए.
प्रशासन का कहना है कि वहां जहरीली गैस के रिसाव और जमीन धंसने की संभावना है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में विस्फोट जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं. फिलहाल, ऑयल और गैस कंपनियों के विशेषज्ञों से चर्चा के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा.
घटना के बाद ओएनजीसी, केयर्न इंडिया और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियों के विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां से सैंपल लिए. ताकि यह पता लगाया जा सके कि पानी के साथ निकलने वाली गैस किस तरह की है और इससे क्या खतरे हो सकते हैं. सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया जाएगा.
जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने घटनास्थल पर धारा 163 लागू कर दी है. इस आदेश के तहत क्षेत्र में सामान्य नागरिकों और पशुओं के आने-जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन का कहना है कि बहते पानी या गैस के रिसाव की वजह से कोई अप्रिय घटना हो सकती है. इसलिए 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा लिया गया है.
मोहनगढ़ के उप तहसीलदार ललित चारण ने बताया कि विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इस जगह पर फिर से रिसाव शुरु हो सकता है. यह गैस जहरीली हो सकती है. और भूमि धंसने जैसी घटनाएं भी हो सकती है. इसलिए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है.
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