रिश्वत की रकम नहीं दी तो रख ली मोटरसाइकल, चपरासी से 40 हजार की घूस लेते रंगे हाथ लिपिक गिरीश गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्यवाही
The motorcycle was kept when the bribe amount was not paid. Clerk Girish was arrested red-handed while accepting a bribe of 40,000 rupees from a peon. ACB took major action.
जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में गुरुवार की शाम एक बड़ा एंटी करप्शन मामला सामने आया. जब विभाग के सहायक ग्रेड–2 लिपिक गिरीश कुमार वारे को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी लिपिक ने यह रकम अपने ही विभाग के भृत्य से मांगी थी.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कांसाबेल जिला जशपुर का निवासी सांडिल्य पिता स्व अशोक कुमार सांडिल्य उम्र 38 साल, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में चपरासी के पद पर तैनात थे. उनकी पोस्टिंग दोकड़ा कार्यालय में थी. लेकिन जुलाई 2025 में उनका ट्रांसफर लोदाम कार्यालय में कर दिया गया. ट्रांसफर के बाद गिरीश वारे ने योगेश से संपर्क किया और कहा कि यह ट्रांसफर उन्होंने ही कराया है. इसके एवज में उन्होंने कुल 80 हजार रुपए की मांग की थी.
योगेश ने बताया कि गिरीश वारे ने लगातार फोन कॉल कर पैसों की मांग की और पहले 30 हजार रुपए भी दिए गए. इसके बाद लिपिक ने 10 हजार रुपए की छूट देते हुए बाकी 40 हजार रुपए की डिमांड की. इस दौरान गिरीश वारे ने भृत्य की पल्सर 180 नम्बर CG 14 MN 6259 जब्त कर रख ली थी और कहा कि जब पैसे लाए जाएंगे तभी बाइक वापस दी जाएगी. कई बार निवेदन करने के बावजूद योगेश की बाइक वापस नहीं की गई, जिससे वह काफी क्षुब्ध हो गया.
योगेश ने इस मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी. इसके बाद गुरुवार को भृत्य 40 हजार रुपए कैश लेकर जिला कार्यालय पहुंचा. एंटी करप्शन टीम ने पैसों में कैमिकल लगा दिया था और जैसे ही योगेश ने पैसे लिपिक गिरीश को सौंपे. टीम ने फौरन लिपिक को रंगे हाथों पकड़ लिया.
एंटी करप्शन टीम ने बताया कि लिपिक गिरीश ने भृत्य पर मानसिक दबाव डालकर पैसे की मांग की और उसकी बाइक जब्त कर रखी थी. यह मामला भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है. योगेश ने साहसिक कदम उठाते हुए भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करवाई. एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। गिरफ्तारी के बाद लिपिक गिरीश वारे के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई और उसे अदालत के सामने पेश किया गया.
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