जिन शिक्षकों को स्कूल परिसर से कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी, उन्हे छुपकर कुत्ते बना रहे अपना शिकार, शिक्षक-छात्र सहित कई घायल

The teachers who were responsible for driving dogs away from the school premises were being targeted by dogs from hiding, injuring several students and teachers.

जिन शिक्षकों को स्कूल परिसर से कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी, उन्हे छुपकर कुत्ते बना रहे अपना शिकार, शिक्षक-छात्र सहित कई घायल

बिलासपुर : सरकंडा क्षेत्र के खमतराई स्थित पीएम श्री स्कूल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पागल कुत्ता स्कूल परिसर में घुस आया और लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में पहली कक्षा का एक मासूम छात्र और एक शिक्षिका घायल हो गई. घटना के बाद स्कूल में दहशत का माहौल है. यह मामला बिलासपुर का है.
मिली जानकारी के मुताबिक सरकंडा के खमतराई इलाके से सामने आया है,.जहां PM श्री स्कूल परिसर में एक पागल कुत्ते ने हमला कर दिया. कुत्ते के हमले से घायल छात्र और शिक्षिका को फौरन इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका इलाज जारी है.
डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि खमतराई और आसपास के इलाकों में पागल और आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है. अब तक कुत्तों के हमलों में करीब 10 लोग घायल हो चुके हैं. इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग किया कि आवारा कुत्तों पर तत्काल नियंत्रण किया जाए.
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी. शिक्षकों को स्कूल आने-जाने के समय बच्चों पर नजर रखने और कुत्तों को परिसर से दूर भगाने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन विडंबना यह है कि अब वही शिक्षक खुद कुत्तों के हमले का शिकार बन रहे हैं. हालिया घटना में एक शिक्षिका बच्चों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही थी. तभी पागल कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया. इससे शिक्षकों में भी डर का माहौल बन गया है.
PM श्री स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक बेहद चिंतित हैं. उनका कहना है कि बच्चे डर के साए में स्कूल आ-जा रहे हैं. कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है. स्कूल परिसर में लगातार कुत्तों के घूमने से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों में कई बार शिकायत दर्ज कराई. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. न तो कुत्तों को पकड़ा गया और न ही इलाके में निगरानी बढ़ाई गई.
लगातार हो रहे हमलों के बाद अब स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूटने लगा है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो इतने लोग घायल नहीं होते. स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर पागल कुत्ते का खुलेआम घूमना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।लोगों ने मांग किया कि इलाके में फौरन आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाए और पागल कुत्ते को जल्द से जल्द हटाया जाए. साथ ही घायल लोगों के इलाज और एंटी-रेबीज इंजेक्शन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.
कुत्तों के लगातार हमलों से न सिर्फ बच्चे बल्कि शिक्षक और आम लोग भी डरे हुए हैं. शिक्षक संगठनों ने भी इस मामले में नाराजगी जताई है और कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षकों की जान की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है. अगर जल्द ही हालात पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है.
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