परसाही की महिलाओं ने भरी नशा के खिलाफ हुंकार, बर्बादी का विरोध कर बजाया बिगुल- ‘अब नहीं सहेंगे नशे की मार’
The women of Parasahi raised their voice against drug abuse, raised their voice against the destruction and said- 'Now we will not tolerate the brunt of drug abuse'
बिलासपुर : सीपत थाना क्षेत्र के परसाही गांव में शनिवार को एक नई सामाजिक लहर ने जन्म लिया. गांव की महिलाओं ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर हुंकार भरी और अपने घर-परिवार को नशे के चंगुल से बाहर निकालने का संकल्प लिया.
यह आंदोलन तब और सशक्त हो गया जब थाना प्रभारी गोपाल सतपथी खुद इलाके के भ्रमण के दौरान परसाही पहुंचे. यहां उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी यह एकता समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती है. पुलिस तभी प्रभावी हो सकती है जब जनता खासकर महिलाएं साथ खड़ी हों. नशे के खिलाफ लड़ाई में आपकी मदद सबसे बड़ा हथियार है.
इस बैठक की अगुवाई महिला समूह अध्यक्ष कविता गोस्वामी ने की. जिन्होंने अपने घर में मोहल्ले की महिलाओं को इकठ्ठा कर यह ऐलान किया कि अब गांव में नशे के लिए कोई जगह नहीं बचेगी.
इस मौके पर मौजूद समाजसेवी ओम गोस्वामी ने कहा- नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला करता है. परसाही की बहनों ने जो कदम उठाया है. वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनेगा. समाज तभी बचेगा जब महिलाएं जागेंगी.
सभा में बड़ी तादाद में महिलाएं शामिल हुईं. जिनमें प्रमुख रुप से अहिल्या यादव, मनीषा पाटनवार, कुशी पाटनवार, उर्मिला पाटले, दुर्गा पाटले, रानी गोस्वामी सहित अन्य ग्रामवासी महिलाएं मौजूद रहीं. थाना प्रभारी के साथ एएसआई सहेत्तर कुर्रे, संजय विश्वास, बजरंग धनुवार (सरपंच प्रतिनिधि परसाही) भी इस प्रेरणादायी पहल में शामिल रहे और महिलाओं को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.
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