अवैध रेत परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों का हल्ला बोल, हाइवा रोककर किया विरोध प्रदर्शन, एनजीटी के आदेश के बाद भी हर रोज निकाली जा रही 500 हाइवा रेत
Villagers raised hue and cry against illegal sand transportation protested by stopping highways even after NGT order 500 highways of sand are being taken out every day
अवैध रेत परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों का हल्ला बोल, हाइवा रोककर किया विरोध प्रदर्शन
नवापारा/लखना : नवापारा क्षेत्र में अवैध परिवहन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों ने रेत से भारी हाईवा को रोककर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। मामले की खबर मिलते ही गोबरा नवापारा तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंची.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कोलियारी (लखना) में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. रेत माफियाओं के आतंक भरे माहौल से ग्रामीण काफी परेशान हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रेत माफिया द्वारा रेत का उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है. रेत परिवहन से परेशान सोमवार को ग्रामवासियों ने हाइवा गाड़ी को रोका और प्रदर्शन किया. इस दौरान ग्रामीण और वाहन चालक के बीच विवाद भी हुआ.
इस मामले की खबर मिलते ही गोबरा नवापारा तहसीलदार सृजन सोनकर, नवापारा थाना प्रभारी और प्रशिक्षु डीएसपी प्रांशु तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. तहसीलदार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे. लेकिन ग्रामीण उचित कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे. ग्रामीणों का कहना है कि रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करती. जिसके चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. वाहन मालिक द्वारा ग्रामीणों को धमकी भी दी गई.
रेत से भरे हाइवा और ट्रैक्टर गाड़ियों से सड़क बुरी तरह से खराब हो चुकी है. जगह-जगह गढ्ढे बन गए हैं. ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि मार्ग में जगह-जगह गढ्ढे होने से बारिश के दिनों में पानी भर जाता है. जिससे चलने में बहुत परेशानी होती है. वहीं खेत जाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. महिलाओं का कहना है कि गांव के बच्चे सड़क पर खेलते हैं. ऐसे में रेत गाड़ियों के चलते दुर्घटना होने की संभावनाएं बढ़ गई है.
तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाइस देकर शांत कराया और उनकी समस्याओं को सुनने हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. जिसके बाद ग्रामीणों शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया.
तहसीलदार सृजन सोनकर ने बताया कि रेत परिवहन करते हुए हाईवा क्र. सी 04 एनयू 2666 को ग्राम कोलियारी के ग्रामवासियों द्वारा रोक कर सूचना दी गई. मौके पर पहुंचकर हाईवा को रेत सहित जब्त कर पुलिस आरक्षण में रखा गया है. वाहन चालक के पास परिवहन संबंधी दस्तावेज नहीं पाया गया. उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा. तहसीलदार ने बताया कि रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ अब लगातार कार्रवाई की जाएगी.
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एनजीटी के आदेश के बाद भी हर रोज निकाली जा रही 500 हाइवा रेत
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा में महानदी के दर्जनों घाटों में बेरोकटोक अवैध उत्खनन जारी है. क्षेत्र से जो तस्वीर सामने आई है वह भयावह है. चारामा क्षेत्र में महानदी की रेत की लूट मची है. माहुद रेत खदान से हर दिन दो सौ से ज्यादा हाइवा रेत पार हो रही है. इसी तरह भिरौदा, तेलगुड़ा, हारडुला खरथा, किलेपार, भिरौद में रात के अंधेरे में रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है.
15 जून से नदियों से खनन पर रोक
मानसून को देखते हुए एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नदियों में किसी भी तरह की खुदाई नहीं करने का आदेश जारी किया है.यह आदेश 15 जून से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू हो गया है. लेकिन एनजीटी के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए महानदी से रेत की खुदाई बिना रोकटोक के जारी है.
हर रोज कई हाइवा रेत का हो रहा परिवहन
बीती रात मचांदुर नाका से रेत की कई गाड़ियां गुजरने के बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया. देर रात से सुबह 5 बजे तक ग्रामीण रेत का अवैध खनन को लेकर विरोध जताते रहे. लेकिन किसी को कई फर्क नहीं पड़ा. मचांदुर नाका वहीं नाका है जहां खनिज विभाग के इंस्पेक्टर बैठते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक लोग और रेत माफिया एक सिंडिकेट बना कर पूरे चारामा क्षेत्र में रेत का अवैध खनन कर रहे हैं.
कलेक्टर ने कहीं जांच की बात
इधर पूरे मामले पर कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने कार्रवाई की बात कही है.उन्होंने कहा कि सारे रेत खदान बंद है. अगर फिर भी नदियों से रेत निकाली जा रही है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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