किसान आंदोलन पर कंगना रनौत के बयान पर भाजपा ने झाड़ा पल्ला, कांग्रेस नेता की मांग- कंगना पर NSA लगे, अन्नदाता से इतनी नफरत क्यों है
BJP shrugged off Kangana Ranauts statement on farmers movement Congress leaders demand - NSA should be imposed on Kangana why is there so much hatred for Annadata
नई दिल्ली : किसान आंदोलन पर बॉलीवुड हीरोइन और मंडी लोकसभा सांसद कंगना रनौत के बयान से बीजेपी ने असहमति जताई है. बीजेपी ने बयान जारी कर कंगना को भविष्य में ऐसा कोई बयान न देने की सलाह दी है.
दरअसल कंगना रनौत ने हाल ही में कहा था कि किसान आंदोलन में रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि आंदोलन के दौरान हिंसा हो रही है. इस बयान के बाद से ही कंगना रनौत निशाने पर हैं.
भाजपा केंद्रीय मीडिया विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की. इसमें कहा कि किसान आंदोलन के संदर्भ में भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा दिया गया बयान पार्टी का विचार नहीं है.
भारतीय जनता पार्टी भी कंगना रनौत के बयान से असहमत है. पार्टी की तरफ से कंगना रनौत को पार्टी के नीतिगत मुद्दों पर बयान देने की न तो अनुमति है और न ही उन्हें अधिकृत किया गया है. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कंगना रनौत को भविष्य में ऐसा कोई बयान न देने की हिदायत भी दी गई है. भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है.
कांग्रेस ने कंगना रनौत से उनके बयान के लिए माफी की मांग की थी. इस बीच, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसी भी सांसद को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए. उन्हें अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा- भाजपा सांसद द्वारा किसानों को बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का सबूत है. अन्नदाताओं के मान-सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छिप नहीं सकता.
भाजपा की प्रेस रिलीज पर शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि न तो यह भाजपा के लेटरहेड पर है. न इस पर किसी के दस्तखत है. यह भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी नहीं है. उन्होंने भाजपा को टैग करके लिखा कि इसके पीछे कोई वजह है या यह भी एक जुमला है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस देश में इससे पहले अन्नदाताओं को बलात्कारी कभी नहीं बोला गया. भाजपा इस मामले से पल्ला नहीं झाड़ सकती. अगर आपकी पार्टी में कोई इतनी कुत्सित मानसिकता आदमी का व्यक्ति है. तो उसे निकाल फेंकिए. विदेश और गृह मंत्रालय को स्पष्टीकरण देना चाहिए. क्योंकि वे कह रही हैं कि देश में चीनी और विदेशी शक्तियां काम कर रही हैं.
कंगना के बयान पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि कंगना के ऐसे बहुत से बयान हैं. जिससे बीजेपी को किनारा करना पड़ेगा. एक दिन खुद कंगना से भी किनारा करना पड़ेगा.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- गेट वेल सून कंगना. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के लोग अन्नदाता से इतनी नफरत क्यों करते हैं. भाजपा ने हमेशा किसानों के खिलाफ षड्यंत्र किया है. उनसे झूठ बोला है और उनकी आवाज दबाई है. एक बार फिर भाजपा की एक सांसद ने अन्नदाता पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं.
सुरजेवाला ने कहा- अब सवाल यह है कि क्या कंगना ने यह घटिया आरोप भाजपा की चुनावी रणनीति के तहत लगाए हैं. क्या ये केवल कंगना के शब्द थे या किसी और के. अगर नहीं, तो प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा के सभी सांसद-विधायक इस पर खामोश क्यों हैं.
इस इंटरव्यू के बाद पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने कहा था, "कंगना लगातार किसानों पर ऐसे बयान दे रही हैं. उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उन पर NSA लगाया जाए." वेरका 2 बार कांग्रेस विधायक, 2017 से 2022 तक पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री और दो बार राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.
इस दरम्यान, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा, “देश के अन्नदाताओं के लिए भाजपा सांसद की सोच देखिए. – अगर कोई उनकी इच्छा के अनुसार नहीं बोलता, नहीं खाता, नहीं पहनता, नहीं सोचता या काम नहीं करता, तो उनके मन में कितनी नफरत होती है. – उन्हें देशवासियों के रूप में रोबोट चाहिए, जिनके पास अपना दिमाग नहीं है. और अगर है भी, तो वे उनकी तरह नफरत से भरे होने चाहिए.
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