मेघा की उफनती नाली में बही बाढ़ का पानी देखने गई 15 वर्षीय छात्रा, पूरे गांव में मचा हड़कंप, तलाश के लिए पहुंची SDRF की टीम, सर्च ऑपरेशन शुरु

A 15-year-old schoolgirl was swept away by floodwaters while going to see the overflowing drain; panic gripped the entire village, and an SDRF team arrived to launch a search operation.

मेघा की उफनती नाली में बही बाढ़ का पानी देखने गई 15 वर्षीय छात्रा, पूरे गांव में मचा हड़कंप, तलाश के लिए पहुंची SDRF की टीम, सर्च ऑपरेशन शुरु

धमतरी/कुरूद/मेघा : धमतरी जिला में ग्राम पंचायत मेघा से इस वक्त की बेहद गंभीर खबर सामने आ रही है, मेघा में छात्रा नाली में बही घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है. बाढ़ के पानी का बहाव देखने गई 15 वर्षीय छात्रा कुमारी ताराना निषाद पिता उदय निषाद पेट्रोल पंप के पास स्थित नाली में पैर फिसलने के बाद तेज बहाव में बह गई.
मिली जानकारी के मुताबिक कुमारी ताराना निषाद प्राथमिक शाला मेघा में कक्षा 7वीं में अध्ययनरत है. वह बाढ़ के पानी का बहाव देखने के लिए गई थी. इसी दौरान पेट्रोल पंप के पास पानी के तेज बहाव वाली नाली में उसका पैर फिसल गया और वह देखते ही देखते पानी की धार में बह गई.
मेघा में छात्रा नाली में बही, देखते ही देखते तेज बहाव में गई
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने छात्रा को बचाने और उसकी तलाश करने का प्रयास किया. मेघा में छात्रा नाली में बही की खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई. इसके बाद बड़ी तादाद में ग्रामीण घटनास्थल के आसपास जुट गए.
तेज बारिश और नाले में पानी के बहाव की वजह से तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. नाले और आसपास के संभावित स्थानों पर छात्रा की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं.
हादसे के बाद परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. समाचार लिखे जाने तक छात्रा के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए फिलहाल छात्रा की स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
मेघा में छात्रा नाली में बही, तलाश जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए अब तलाश अभियान को तेज किया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक छात्रा की तलाश के लिए SDRF की टीम चंदना-चंदसुर से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है. टीम के पहुंचने के बाद नाले और आसपास के संभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा. ग्रामीणों की नजर अब SDRF टीम के पहुंचने और तलाश अभियान पर बनी हुई है.
तेज बहाव वाले नालों को लेकर उठे सुरक्षा सवाल
हादसे के बाद बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नालों और जलभराव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और लोगों की आवाजाही रोकने के इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के बाद स्पष्ट होगा. फिलहाल ग्रामीणों से अपील है कि वे बाढ़ के पानी, तेज बहाव वाले नालों और पुल-पुलियों के आसपास जाने से बचें। बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें.
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