मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर पर छात्रा ने लगाया सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप, केबिन में बुलाकर बैड टच, विदेश भागने की तैयारी में आरोपी

A student accused a medical college professor of sexual harassment, called her to his cabin and touched her indecently, Dr Ashish Sinha is preparing to flee abroad

मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर पर छात्रा ने लगाया सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप, केबिन में बुलाकर बैड टच, विदेश भागने की तैयारी में आरोपी

रायपुर : राजधानी में मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने प्रोफेसर डॉ.आशीष सिन्हा सेक्सुअल हैरासमेंट, छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं.  रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरु स्मृति मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.आशीष सिन्हा के खिलाफ छात्रा ने इसकी शिकायत थाने में की. पुलिस ने FIR दर्ज की है. पूरा मामला मौदहापारा थाना इलाके का है.
मिली जानकारी के मुताबिक छात्रा ने प्रोफेसर आशीष सिन्हा पर एक साल से ज्यादा समय से सेक्सुअल हैराशमेंट करने के आरोप लगाए हैं. छात्रा को कैबिन में बुलाकर बैडटच करना और इंटरनल एग्जाम में फेल करने की धमकी प्रोफेसर द्वारा दी जाती थी. छात्रा ने इसकी शिकायत पहले भी कॉलेज प्रबंधन को की थी. ज्यादा परेशान होने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है.
छात्रा ने पुलिस को बताया कि डॉ. आशीष सिन्हा शुरु से ही उनके प्रति गलत नीयत रखते थे. वे अश्लील टिप्पणियां, घूरना, और शारीरिक छेड़छाड़ करते थे. 13 जुलाई 2024 को, फिजियोलॉजी विभाग में अश्लील फोटो दिखाने और हाथ खींचकर पास बैठाने की कोशिश की गई.
छात्रा ने कहा कि 26 सितंबर 2024 को एक कैंसर सम्मेलन के दौरान, छोटे कपड़ों में फोटो भेजने की मांग की गई. 2 और 10 जनवरी 2025 को, विभागीय आयोजनों के दौरान शारीरिक छेड़छाड़ की गई. शिकायत करने पर डॉ. सिन्हा ने करियर बर्बाद करने की धमकी दी और परीक्षा में फेल करने की बात कही.
छात्रा ने कहा कि उसने व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस को दिए हैं. पहले सहपाठियों, फैकल्टी, डीन, और यहां तक कि डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME) तक भी शिकायत पहुंचाई गई. लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
7 मार्च 2025 को कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने जांच के बाद डॉ. सिन्हा को दोषी ठहराया और उन्हें HOD पद से हटाया गया. इसके बावजूद आरोपी कॉलेज में आकर पीड़िता को धमकाते रहे. 20 जून 2025 को दोबारा शिकायत की गई. लेकिन कॉलेज प्रशासन ने चुप्पी साधे रखी. छात्रा ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि आरोपी की राजनीतिक पहुंच के चलते उसे और भी खतरा है.
छात्रा ने आखिरकार 4 जुलाई 2025 को मौदहापारा थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जबकि जानकारी के अनुसार डॉ. आशीष सिन्हा विदेश जाने की तैयारी में हैं और उनका टिकट भी बन चुकी है.
छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. डॉ. आशीष सिन्हा के खिलाफ BNS की धारा 74 और 75(2)(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है. कोतवाली सीएसपी केशरी नंदन नायक ने कहा कि मामला सेंसिटिव है. जांच की जा रही है.
इस गंभीर मामले में अभी तक स्वास्थ्य विभाग या DME की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पिछली जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद डॉ. सिन्हा का कॉलेज में सक्रिय रहना और पीड़िता को धमकी देना, प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करता है.
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले को बेहद संवेदनशील और गंभीर बताया है और मांग किया कि "आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. ऐसे मामलों में देरी से पीड़िता का मनोबल टूटता है और न्याय की प्रक्रिया कमजोर होती है."
यह मामला सिर्फ एक छात्रा के शोषण का नहीं, बल्कि पूरे मेडिकल शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का भी सवाल है.जहां एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की बात करती है. वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करती है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी समय रहते हो पाएगी? या फिर मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
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