भुगतान के बदले तीन प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, कलेक्टर से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत, मचा हड़कंप, जांच में खुलेगा पूरा सच
Allegations of demanding a three-percent commission in exchange for payment have sparked a stir; complaints have reached everyone from the District Collector to the CM Helpline, and the full truth will be revealed upon investigation.
सूरजपुर : सूरजपुर जिले के प्रेमनगर विकासखंड में विकास कार्यों के भुगतान को लेकर एक बार फिर गंभीर शिकायत सामने आई है. ग्राम उमेश्वरपुर निवासी सुभाष कुमार साहू ने जनपद पंचायत प्रेमनगर के अधिकारियों पर कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर सूरजपुर से शिकायत की है. शिकायत के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी मामला दर्ज कराया है. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत का क्रमांक CC260700075957 है.
शिकायतकर्ता सुभाष कुमार साहू ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत उमेश्वरपुर एवं ग्राम पंचायत अनंतपुर में सरगुजा विकास प्राधिकरण योजना के तहत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य कराया था. उनका कहना है कि निर्माण कार्य तकरीबन छह महिना पहले पूरा कर लिया गया था और संबंधित विभागीय इंजीनियर द्वारा काम का मूल्यांकन भी किया जा चुका है.
शिकायत के मुताबिक काम पूरा होने और मूल्यांकन के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया. सुभाष कुमार साहू का आरोप है कि अनुविभागीय अधिकारी (आरईएस), जनपद पंचायत प्रेमनगर और उप अभियंता (मनरेगा), जनपद पंचायत प्रेमनगर द्वारा भुगतान जारी करने के एवज में 3 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है. शिकायतकर्ता का कहना है कि कमीशन नहीं देने की वजह से उनकी भुगतान संबंधी फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है और संबंधित अधिकारी दस्तखत भी नहीं कर रहे हैं.
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया गया है. इसके बावजूद भुगतान लंबित रखे जाने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है.
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लंबित भुगतान जल्द जारी कराने तथा यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कर शासन स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की गई है.
अब यह मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है. अहर जांच में शिकायत के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है. वहीं अगर आरोप निराधार पाए जाते हैं तो शिकायत का निराकरण नियमानुसार किया जाएगा.
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है. संबंधित अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका है.
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