गरियाबंद शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 17 शिक्षक-कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त कर मूल पदस्थापना पर लौटने के आदेश जारी

Major administrative reshuffle in the Gariaband Education Department: Orders issued to terminate the attachments of 17 teachers and staff members and return them to their original places of posting.

गरियाबंद शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 17 शिक्षक-कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त कर मूल पदस्थापना पर लौटने के आदेश जारी

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के शिक्षा विभाग में वर्षों से कार्यालयों में संलग्न रहकर गैर-शिक्षकीय कार्य कर रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आखिरकार उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चंद्राकर ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुये कुल 17 शिक्षक और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल संस्था/कार्यालय के लिये कार्यमुक्त कर दिया है.
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा), विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बीआरसी कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल उनकी मूल पदस्थ संस्था में भेजा जाए.
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के कई शिक्षा कार्यालयों में कई शिक्षक और कर्मचारी सालों से शिक्षकीय कार्य और अपने मूल पदस्थापना स्थल को छोड़कर कार्यालयीन दायित्व निभा रहे थे. जबकि कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी रही. किस पर कांग्रेस नेताओं बे भारी आपत्ति जताई. 
सवाल यह भी उठाया गया था कि शिक्षक आखिर शिक्षक हैं या फिर कार्यालयों में अधिकारी की भूमिका निभाने के लिये नियुक्त किये गये हैं. शिक्षा जगत के लिये, शिक्षकों का गैर शिक्षकीय कार्यों में संलग्नीकरण एक बड़ा सवाल था.
किन-किन कार्यालयों से हटाये गये संलग्न कर्मचारी
आदेश के अनुसार जिन कर्मचारियों और शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया है. उनमें प्रमुख रूप से –
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय गरियाबंद,समग्र शिक्षा कार्यालय,विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) कार्यालय गरियाबंद, फिंगेश्वर, मैनपुर, देवभोगआदि कार्यालयों में संलग्न कर्मचारियों को मूल पदस्थ संस्था के लिये कार्यमुक्त कर दिया गया है.
इनमें प्रधान पाठक, एलबी शिक्षक,सहायक ग्रेड-02 एवं सहायक ग्रेड-03 सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कुल 17 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे हैं.
शिक्षकों की मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में उनकी वापसी से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से कई स्कूलों में शिक्षक संख्या कम होने की शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में संलग्नीकरण समाप्त होने से विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी.
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा संबंधित सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनकी मूल संस्था/कार्यालय के लिए कार्यमुक्त माना जाएगा.
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