प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: नि:शुल्क किताबें छोड़कर पैरेंट्स पर थोपी जा रही प्राइवेट पब्लिशर्स की Books, कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश

Arbitrary actions by private schools: Instead of free textbooks, books from private publishers are being forced upon parents; Collector orders an inquiry.

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: नि:शुल्क किताबें छोड़कर पैरेंट्स पर थोपी जा रही प्राइवेट पब्लिशर्स की Books, कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों की मनमानी फिर सामने आ गई है. कई CG Board मान्यता प्राप्त Private Schools कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों के लिए सरकार की फ्री किताबों को नजरअंदाज कर अभिभावकों पर महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं.
बता दें कि हर साल की तरह इस साल भी छत्तीसगढ़ सरकार CG Board से जुड़े English Medium Private Schools में कक्षा 1 से 10 तक के लिए नि:शुल्क किताबें उपलब्ध करा रही है. ये किताबें सरकारी डिपो में भी पहुंच चुकी हैं. फिर भी जिले के ज्यादातर Private Schools अभिभावकों को WhatsApp पर Private Publishers की किताबों की लिस्ट भेजकर सेटिंग वाली दुकानों से ही खरीदने को मजबूर कर रहे हैं.
कितनी महंगी पड़ रही हैं किताबें?
कक्षा 1 की किताबें: लगभग ₹2000
कक्षा 5 की किताबें: लगभग ₹5000
कलेंतर ने शिकायत मिलने के बाद District  Education Officer (DEO) दिनेश झा को तुरंत जांच के निर्देश दे दिए हैं. जांच के लिए 3 सदस्यीय जांच टीम गठित किया गया है. जिसमे एलपी गुप्ता, मीना पुरोहित और संजय सिंह को शामिल किया गया है. साथ ही पूरी जांच कर 3 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
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