सतरेंगा में दर्दनाक हादसा, दोस्तों संग पिकनिक पर गया युवक, SECL कर्मी की नदी में डूबने से मौत, 24 घंटे बाद मिला शव, इलाके में शोक का माहौल
Tragic incident at Satrenga: SECL employee drowns in the river while on a picnic with friends; body recovered after 24 hours; atmosphere of mourning in the area.
कोरबा : कोरबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेंगा में रविवार को पिकनिक मनाने गए एसईसीएल कर्मी सुभांशु ध्रुव उम्र 24 साल की नदी में डूबने से मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. हादसे के करीब 24 घंटे बाद सोमवार सुबह रेस्क्यू टीम ने युवक का शव नदी से बरामद किया.
मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ सतरेंगा पिकनिक मनाने पहुंचे थे. सभी लोग नदी किनारे घूमने और समय बिताने के बाद नदी में बने एक टापू की तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान वापसी के समय सुभांशु का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चले गए.
पानी का बहाव और गहराई का अंदाजा न होने की वजह से वे तेजी से डूबने लगे. साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की. लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके. हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी मदद की कोशिश की. लेकिन तब तक युवक पानी में लापता हो चुका था.
हादसे की खबर मिलने के बाद श्यांग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. हालांकि अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव की वजह सेरविवार रात को सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा.
सोमवार सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया. काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सुबह करीब 11:30 बजे सुभांशु ध्रुव का शव नदी से बरामद किया गया. शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
लेमरू थाना प्रभारी सुमन पोया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई है. शव को एसईसीएल अस्पताल की मर्च्युरी में रखा गया. जिसे मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया.
परिजनों के मुताबिक सुभांशु ध्रुव चार साल पहले अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत एसईसीएल में नौकरी पर लगे थे. वह पिछले ढाई साल से एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के सेंट्रल वर्कशॉप में कार्यरत थे. परिवार पहले ही एक बड़ी क्षति से उबर रहा था, और अब इस हादसे ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है. हादसे के बाद सतरेंगा में मौजूद अन्य पर्यटकों में भी दहशत का माहौल देखा गया. कई लोगों ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की जरूरत है. पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, झरनों और जलाशयों के गहरे हिस्सों में जाने से बचें. मामूली लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.
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