आधी रात कोदोमाली के पास सड़क पर गिरा विशाल पेड़, श्यामनगर में नेशनल हाईवे की सड़क धंसी, मातागढ़ तुरतुरिया धाम में बाढ़, लगा लंबा जाम
A massive tree fell onto the road near Kodomali at midnight; the National Highway caved in at Shyamnagar; flooding occurred at Matagarh Turturiya Dham, leading to a long traffic jam.
सड़क पर पेड़ गिरने से आधी रात से लगा लंबा जाम, सैकड़ों यात्री परेशान
गरियाबंद : लगातार बारिश के बीच कोदोमाली के पास सड़क पर एक विशाल पेड़ गिर जाने से रविवार देर रात करीब 12 बजे से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. सड़क के दोनों ओर ट्रक, बस, कार और अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई. जिससे सैकड़ों यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा.
चश्मदीद नीलम नागेश ने बताया कि वे खुद भी इस जाम में फंसे हुए हैं. उनके मुताबिक पेड़ गिरने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई और लगातार बारिश की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
घटना की खबर मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है. अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर मार्ग साफ करने में जुटे हुए हैं. प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द यातायात सामान्य कर लोगों को राहत पहुंचाई जा सके.
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर मार्ग बहाल करने में मदद की. खबर मिलने तक पेड़ हटाने का काम जारी था और अधिकारियों का कहना है कि मार्ग जल्द ही पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?
श्यामनगर में नेशनल हाईवे की सड़क धंसी, विभागीय लापरवाही ने बढ़ाया बड़े हादसे का खतरा, पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के ग्राम श्यामनगर में पेट्रोल पंप के समीप नेशनल हाईवे पर सड़क और नाली का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. लगातार हो रही बारिश के चलते सड़क के किनारे तेज कटाव हो रहा है. जिससे यहां कभी भी बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका जताई जा रही है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह मार्ग जिले का व्यस्त मार्ग है. जहां दिन-रात भारी वाहनों सहित बड़ी तादाद में छोटे वाहन भी गुजरते हैं. इसके बावजूद अब तक संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क और नाली निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. जिसकी वजह से पहली ही तेज बारिश में सड़क का हिस्सा टूटने लगा. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते गुणवत्तापूर्ण निर्माण और नियमित रखरखाव किया गया होता तो आज यह हालात पैदा नहीं होते.
ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सरकारी रकम खर्च होने के बावजूद सड़क की यह हालत निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ता की कमी को उजागर करती है.
लोगों ने प्रशासन से मांग किया है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए. मौके पर सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं और निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. अगर समय रहते जरुरी कदम नहीं उठाए गए तो यह क्षतिग्रस्त सड़क किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?
मातागढ़ तुरतुरिया धाम में अचानक आई भीषण बाढ़
कसडोल : जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल मातागढ़ तुरतुरिया मंदिर में 5 जुलाई 2026 (रविवार) को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. मातागढ़ तुरतुरिया मंदिर की यात्रा पर आए 200 से अधिक भक्तों और पर्यटकों की जान उस समय अचानक संकट में पड़ गई. जब भारी बारिश के चलते बालमदेही नदी में अचानक भीषण बाढ़ आ गई. नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक नदी के उस पार ही फंस गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई,
कसडोल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांबाजी इस आपातकालीन स्थिति की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में थाना कसडोल पुलिस की टीम बिना एक पल गंवाए तत्काल मौके पर पहुंची. नदी का उफान बेहद डरावना था. लेकिन कसडोल पुलिस के जांबाज जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उफनती नदी के बीच मोर्चा संभाल लिया. कसडोल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का ही परिणाम था कि बेहद कम समय में नदी पार फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?



