Amazon के एक कर्मचारी करामाती निकला, कंपनी छोड़ने वालों की काट ली 'जेब'...

Fraud in Amazon : धोखाधड़ी करने वालों का कोई ईमान नहीं होता. अमेजन के एक कर्मचारी ने इस बात को सच साबित कर दिया. करीब 200 कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले इस आरोपी को इन कर्मचारियों की सैलरी और सेटलमेंट का जिम्‍मा दिया गया था.

Amazon के एक कर्मचारी करामाती निकला, कंपनी छोड़ने वालों की काट ली 'जेब'...

Fraud in Amazon : धोखाधड़ी करने वालों का कोई ईमान नहीं होता. अमेजन के एक कर्मचारी ने इस बात को सच साबित कर दिया. करीब 200 कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले इस आरोपी को इन कर्मचारियों की सैलरी और सेटलमेंट का जिम्‍मा दिया गया था. कहते हैं कि जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो उसकी सुरक्षा भला कौन करेगा. ऐसा ही कुछ खेल अमेजन के कर्मचारी ने किया.

उसे जिन कर्मचारियों को पैसे दिलाने का जिम्‍मा सौंपा गया था, उन्‍हीं की जेब में सेंधमारी कर दी. वह भी एक-दो नहीं करीब 200 लोगों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों रुपये बना लिए. 8 साल तक यह हेराफेरी करने के बाद खुद भी नौकरी छोड़ दी. कंपनी छोड़ने के बाद आरोपी ने खुद को छुपाने की बहुत कोशिश की लेकिन साइबराबाद पुलिस ने उसे धर दबोचा.

पुलिस के अनुसार, आरोपी मेट्टू वेंकटेश्‍वरलू हैदराबाद के गाचीबाउली स्थित अमेजन डेवलपमेंट सेंटर (ADC) में बतौर सीनियर फाइनेंशियल ऑपरेशनल एनालिस्‍ट काम करता था. जहां उसने 8 साल में करीब 184 कर्मचारियों को चपत लगाते हुए 3.2 करोड़ रुपये पार कर लिए. मेट्टू का काम कर्मचारियों की सैलरी देखना और कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों का फाइनल सेटलमेंट कराना था.

कैसे किया इतना बड़ा फर्जीवाड़ा

पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके साथियों ने फर्जी ईमेल, गलत बैंक स्‍टेटमेंट और पुराने कर्मचारियों के बकाए को लेकर एक प्‍लान तैयार किया और करोड़ों रुपये अलग-अलग खाते में ट्रांसफर कर लिए. ये सारा फर्जीवाड़ा उन कर्मचारियों के साथ होता था, जो कंपनी छोड़ चुके होते हैं. आरोपी ने ऐसे कर्मचारियों का पूरा आंकड़ा निकाला और उनके बकाए को अपने नाम से ट्रांसफर करना शुरू कर दिया.

कैसे होता था सारा खेल

पुलिस के अनुसार, वेकटेश्‍वरलू ने ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जिनका बकाया लंबे समय से पेंडिंग चल रहा था. फिर कंपनी छोड़ने वाले पूर्व कर्मचारियों का बैंक खाता बदल दिया और उनकी वर्किंग फाइल तैयार कर अपने दोस्‍तों, रिश्‍तेदारों के खाते जोड़ दिए. इस तरह बकाया राशि की पहचान कर उसे कर्मचारी के खाते में न डालकर अपने जानकारों के खातों में डलवा लिए और करोड़ों के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.

कर्मचारियों को मिलने थे ये पैसे

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने 8 साल में कंपनी छोड़ने वाले 184 कर्मचारियों के साथ यह घपलेबाजी की है और फाइनल सेटलमेंट के बाद जो पैसे इन कर्मचारियों को मिलने थे, उसे फर्जी तरीके से अपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों के खाते में ट्रांसफर कर दिए. ये पैसे 50 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए. पुलिस इसकी जांच कर रही है और फिलहाल 3.2 करोड़ रुपये गबन करने का खुलासा हुआ है.(एजेंसी)