SIR से तंग आकर देश भर में तीन BLO ने किया सुसाइड, केरल, राजस्थान में भड़का आंदोलन, फॉर्म न मिलने पर महिला ने लगाई खुद को आग

Three BLOs across the country committed suicide after being fed up with their SIRs; protests erupted in Kerala and Rajasthan; a woman set herself on fire after being denied a form.

SIR से तंग आकर देश भर में तीन BLO ने किया सुसाइड, केरल, राजस्थान में भड़का आंदोलन, फॉर्म न मिलने पर महिला ने लगाई खुद को आग

नई दिल्ली : एक तरफ बिहार चुनाव के नतीजों ने SIR की प्रक्रिया की वजह से भारी असर पड़ने की बात कही जा रही है. विपक्ष कह रहा है कि हमारी हार के पीछे चुनाव आयोग द्वारा की गई SIR प्रक्रिया जिम्मेदार है. वहीं इस प्रक्रिया को पूरे देश में अलग-अलग लागू किए जाने के बाद से तीन BLO द्वारा खुदकुशी किए जाने की खबर मिल रही है.
पहला मामला
मध्य प्रदेश में दतिया के शिक्षक उदयभान सिहारे लंबे समय से बीएलओ का अतिरिक्त दायित्व निभा रहे थे. परिवारजनों के मुताबिक हाल के दिनों में चुनाव कार्यों से संबंधित रिपोर्टिंग, डाटा अपडेट और लगातार मिल रहे निर्देशों से वे मानसिक रुप से परेशान थे. शिक्षक उदयभान सिहारे उम्र 50 साल मंगलवार की सुबह विद्यालय पहुंचे और कुछ देर बाद उनका शव एक कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला.
भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच केरल के कन्नूर ज़िले में एक बूथ लेवल अधिकारी काम के दबाव के कारण खुदकुशी कर ली. पय्यान्नूर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नम्बर 18 के बीएलओ नीश जॉर्ज उम्र 41 साल रविवार, 16 नवंबर को पय्यान्नूर के पास एट्टुकुडुक्का स्थित अपने घर में मृत पाए गए. उनके परिवार का दावा है कि काम के दबाव के कारण उन्होंने खुदकुशी की.
जानकारी के मुताबिक अनीश ने अपने परिवार और दोस्तों को अपनी नौकरी के भारी दबाव के बारे में बताया था. परिवार का आरोप है कि वह पिछले कुछ दिनों से एसआईआर के काम के तनाव के बारे में बात कर रहा था और इसी वजह से उसने खुदकुशी कर ली. अनीश की मौत को लेकर केरल में प्रदर्शन हो रहे हैं.
केरल में सत्तारुढ़ सीपीएम ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है. सीपीएम नेता एमवी जयराजन ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव और मतदाता सूची संशोधन का काम एक साथ कराने से कर्मचारियों पर भारी दबाव पड़ रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बीएलओ पर काम का बहुत दबाव है. इस वजह से वे अत्यधिक तनाव में हैं. उन्होंने आगे कहा कि असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाने और अयोग्य लोगों के नाम जोड़ने की कोशिशें हो रही हैं.
जयराजन ने बताया कि एक ही व्यक्ति को दो-दो काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने मांग किया कि स्थानीय निकाय चुनाव खत्म होने तक एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई जाए. प्रक्रियाएं स्पष्ट की जाएं और चुनाव आयोग अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करे. उन्होंने यह भी कहा कि सीपीएम एसआईआर के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी.
 उन्होंने कहा कि अनीश जॉर्ज की तरह अन्य कर्मचारियों की बलि नहीं चढ़नी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यभार के बोझ से एक बीएलओ की खुदकुशी चुनाव आयोग के लिए आंखें खोलने वाली घटना है. उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था पर डाला गया असहनीय दबाव इस त्रासदी का कारण है. क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के बीच एसआईआर को थोपा गया है.
विश्वम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाइयां और नीतियां केंद्र सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताओं को ही दर्शाती हैं. उन्होंने युवा अधिकारी अनीश जॉर्ज को केरल में इस स्थिति का शिकार बताया. उनका दावा किया कि चुनाव आयोग केंद्र में सत्तारूढ़ दल के एजेंट के रुप में काम कर रहा है.
तीसरा मामला
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक शिक्षक ने काम से परेशान होकर खुदकुशी कर ली है. जिसके बाद प्रदेश भर में आंदोलन शुरु हो गए हैं. देश भर में सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बीएलओ का काम दिया गया है. जिसके चलते उन पर काम का बोझ बढ़ा है. बताया जा रहा है कि काम के बोझ से परेशान होकर शिक्षक मुकेश जांगिड़ ने खुदकुशी कर ली है. मुकेश ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की है. उसके जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है.
मुकेश की मौत के बाद शिक्षक संघ पूरे राजस्थान में विरोध प्रदर्शन कर रहा है. शिक्षक संघ का कहना है कि जिला प्रशासन इस काम में आगे रहकर वाहवाही लूटना चाहता है. जिसके चलते फील्ड में BLO के तौर पर काम कर रहे कार्मिकों पर दबाव बनाया जा रहा है. संघ ने यह सवाल भी उठाया है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं भी शुरु हो रही हैं. ऐसे में स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं. बच्चों की पढ़ाई नुकसान हो रहा है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

SIR फॉर्म न मिलने पर महिला ने लगाई खुद को आग

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना फॉर्म मिलने में देरी के बाद एक महिला ने कथित तौर पर खुद को आग लगाकर खुदकुशी कर ली. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
यह घटना सोमवार को कोलकाता के पूर्बा पुटियारी इलाके में हुई. परिजनों का आरोप है कि जमुना मंडल उम्र 67 साल ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से गणना फॉर्म मिलने में दो दिन की देरी के बाद से बेचैनी से जूझ रही थी.
मृतका के परिवार ने दावा किया कि समय पर फॉर्म न मिलने के बाद उसने यह कदम उठाया। बता दें कि बंगाल की मतदाता सूची के एसआईआर के लिए गणना फॉर्म का वितरण राज्य में 4 नवंबर से शुरु हुआ था.
जमुना मंडल के परिवार को शुरुआत में गणना फॉर्म नहीं मिले थे. जबकि उनके पड़ोस में रहने वाले परिवारों को फॉर्म मिल गए. बुज़ुर्ग महिला के बेटे मृत्युंजय मंडल ने बताया कि उनकी मां इस देरी को लेकर चिंतित थीं. हालांकि महिला को 15 नवंबर को गणना फॉर्म मिले। तब भी उनके बेटे ने दावा किया कि उनकी मां अभी भी दहशत में थीं.
पुलिस की मानें तो उन्होंने सोमवार को खुद को आग लगा ली. इसके बाद उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल ले जाया गया. जहां बाद में उनकी मौत हो गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला ने खुद को आग लगाने के बाद लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हम मामले की जांच कर रहे हैं.
संयोग से पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया शुरु होने के बाद राज्य के कई हिस्सों में इस प्रक्रिया के डर से कई लोगों की मौत की खबरें आई हैं. पार्टी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर की घोषणा के बाद से लोग दहशत में हैं. उन्हें डर है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है. दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि राज्य में सत्तारुढ़ पार्टी SIR को लेकर नागरिकों में दहशत फैला रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t