करंट की चपेट में आया विद्युत विभाग का कर्मचारी, ट्रांसफार्मर पर काम के दौरान हादसे का शिकार, इलाज के लिए भर्ती, रायपुर रेफर, मचा हडकंप
An employee of the electricity department came under the grip of electric current, met with an accident while working on a transformer, admitted for treatment, referred to Raipur, created a stir
नवापारा नगर : नवापारा नगर में उस समय अफरा-तफरी मच गई. जब हाई वोल्टेज बिजली लाइन पर काम कर रहे कर्मचारी हामिद रजा करंट लगने से घायल हो गया. हादसे के वक़्त बिजली सप्लाय बंद थी. इसके बावजूद करंट कैसे प्रवाहित हुआ यह फिलहाल सभी की समझ से परे है.
मिली जानकारी के मुताबिक नवापारा नगर में आज नगर के करीबन आधे हिस्से में मेंटेनेंस के नाम पर सुबह से ही बिजली बंद की गई थी. बिजली बंद किये जाने की सुचना विभाग ने पहले ही दे दी थी.
बिजली विभाग के कर्मचारी मेंटेनेंस का काम कर रहे थे. लेकिन अचानक दोपहर करीब 3:30 बजे ट्रांसफार्मर में काम रहा ठेका कर्मचारी मोहम्मद हामिद रजा घायल हो गया. करंट लगने की वजह से हामिद का हाथ झुलस गया. इस हादसे के फौरन बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालडा अस्पताल ले जाया गया है.
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस वक़्त कर्मचारी काम कर रहे थे. उस वक़्त लाइट बंद थी. और बहुत सारे कर्मचारी काम में लगे हुए थे. एक कर्मचारी अचानक करंट से घायल हो गया है. इसके कारणों की जांच की जाएगी. फ़िलहाल कर्मचारी को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है.
इस हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई थी. बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अस्पताल पहुंचे. सभी लोग इस घटना से अचंभित हैं कि लाइट बंद होने के बावजूद कर्मचारी को करंट कैसे लगा. इसका जवाब जांच के बाद ही मिल पाएगा.
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इलेक्ट्रीशियन आया करंट की चपेट में, खदान में हादसा
कोरबा : एसईसीएल गेवरा परियोजना में बुधवार को नागार्जुन कंपनी के इलेक्ट्रिशियन हीरालाल की करंट लगने से मौत हो गई. 35 साल के हीरालाल बिंझरी के रहने वाले थे. घटना उस समय हुई जब हीरालाल 6.6 केवी के केबल को बारिश से बचाने के लिए कन्वेयर बेल्ट से ढक रहे थे.
बुधवार रात 2 बजे तक चले आंदोलन के बाद गुरुवार सुबह फिर से बड़ी तादाद में लोग गेवरा खदान के 7 नंबर गेट पर एकत्र हुए. दीपका पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.
कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता के बाद समझौता हुआ. मृतक के परिवार को एक लाख रुपए की तत्काल सहायता राशि, 15 लाख रुपए का चेक और परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी देने का आश्वासन दिया गया. बताया जा रहा है हादसे के बाद सहकर्मियों ने फौरन उन्हें अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक पिछले तीन साल से कंपनी में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत थे.



