कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी ने की खुदकुशी, घर में फंदे से लटकता मिला शव, सुसाइड नोट में इन 4 अधिकारियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

An employee posted in Collectorate committed suicide dead body was found hanging in the house in the suicide note these 4 officers were accused of torture

कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी ने की खुदकुशी, घर में फंदे से लटकता मिला शव, सुसाइड नोट में इन 4 अधिकारियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

रायपुर : रायपुर जिले से खुदकुशी का मामला सामने आ रहा है. यहां रायपुर कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. कर्मचारी का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटकते हुए मिला है. खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है. नोट में उच्च अधिकारी के द्वारा प्रताड़ित करने की बात लिखी है. मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर कलेक्ट्रेट में मृतक चपरासी के पद पर पदस्थ था. और पुरानी बस्ती में रहता था. खोखो पारा पंकज गार्डन के सामने रहने वाले मृतक प्रदीप उपाध्याय उम्र 47 साल ने रोज की तरह सुबह नित्यकर्म से निवृत होकर पूजा पाठ किया. और फिर प्रथम तल स्थित अपने कमरे में गया. रोज की रुटीन को जानने वाले परिजनों ने काफी देर तक प्रदीप के नीचे न आने पर उपर जाकर देखा. तो कमरा भीतर से बंद था. खिडक़ी से देखने पर प्रदीप फांसी पर लटका मिला. दरवाजा तोडकर भीतर गए परिजनों ने नीचे उतारकर चेक किया तो मौत हो चुकी थी.
इसकी खबर पर पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंचकर पंचनामा कर लाश को पीएम के लिए एम्स भेज दिया. पुलिस ने शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है. नोट में कलेक्ट्रेट में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
नायब तहसीलदार के रीडर रहे। बताया गया है कि प्रदीप के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. इसे मौके पर पहुंचे पुरानी बस्ती पुलिस के विवेचक ने बरामद किया है. इसमें डिप्टी कलेक्टर रैंक के अफसरों देवेन्द्र पटेल, गजेन्द्र ठाकुर, विरेन्द्र बहादूर, स्टेनो मुक्तेश्वर पटेल का नाम लिखकर खुदकुशी की वजह बताया है.
इसके बाद से तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों में हडक़ंप और चर्चा आम हो गई है. सभी कर्मचारी मौके पर पहुंचे. इस सुसाइड नोट में उसने पूरे होशो हवास में आत्महत्या पत्र लिखने की बात कही है. और सरकार से उम्मीद जताई है कि जिन अधिकारियों का नाम उसने लिखा है. भाजपा सरकार या कांग्रेस पार्टी, जरुर सजा दिलाएगी.
आगे यह कहा है कि इन अफसरों ने मुझे परेशान करने डायवर्जन शाखा के साथ चुनाव का काम राजस्व आपदा के अतिरिक्त नजीर शाखा का काम सौंपा गया. मैं अपना काम कर्तव्य निष्ठा से कर रहा था. खरोरा ट्रांसफर कर दिया. लेकिन उसके बाद भी अफसरों किसी न किसी तरीके से मुझे परेशान रखा. और मेरा इंप्रेशन खराब किया गया. इस पर मेरे आवेदनों के बाद ही कोई कार्रवाई नहीं की गई.
वहीं परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. ताकि दोषियों को उचित सजा मिल सके. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही मामले की जांच में जुट गई है.
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