करोड़ों का बजट पारित, 202 करोड़ से बनेंगे 6 हॉस्टल, सदन में जोर शोर से गूंजा अघोषित बिजली कटौती का मामला, आचार संहिता खत्म

Budget worth crores passed, 6 hostels will be built with Rs 202 crores, issue of undeclared power cuts echoed loudly in the House, code of conduct ended

करोड़ों का बजट पारित, 202 करोड़ से बनेंगे 6 हॉस्टल, सदन में जोर शोर से गूंजा अघोषित बिजली कटौती का मामला, आचार संहिता खत्म

करोड़ों का बजट पारित

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का तृतीय अनुपूरक बजट विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2024-25 के लिए 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया. उक्त अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए का हो गया है. इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक बजट में 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए और तृतीय अनुपूरक बजट में 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए शामिल है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तृतीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समर्थन मूल्य पर इस वर्ष 149 लाख टन धान की खरीदी की है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को धान खरीदी समाप्त हुई और एक सप्ताह के भीतर 25 लाख 49 हजार किसानों के बैंक खाते में 12 हजार करोड़ रूपए का भुगतान एकमुश्त किया गया।
राजनांदगांव जिले, जांजगीर-चांपा जिले एवं नवा रायपुर अटल नगर में फार्मास्यूटिकल पार्क की स्थापना के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक संस्थान, इंजीनियरिंग पार्क की स्थापना के लिए भी 76 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायपुर, नवा रायपुर, बिलासपुर में वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है। तृतीय अनुपूरक बजट 2024-25 में पुलिस प्रशिक्षण शालाएं के लिए 3 करोड़, जिला चिकित्सालय के लिए 145 करोड़ रूपए, निवृत्ति वेतन भोगियों को देय 1 हजार 278 करोड़, परिवार पेंशन के लिए 320 करोड़, पुलिस 500 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुई हानि का प्रतिपूर्ति 600 करोड़, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं 125 करोड़, सेवा एवं मूल्य निवृत्ति पुरस्कार 37 करोड़, एनीकट/स्टापडेम का निर्माण 15 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1 हजार 43 करोड़, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना 195 करोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 86 करोड़, सड़कों के निर्माण कार्य हेतु लिए गए ऋण की अदायगी के लिए 2 हजार 250 करोड़, कृषि पंपो को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु अनुदान 2 हजार 200 करोड़, अन्तोदय अन्न योजनांतर्गत चना का प्रदाय 451 करोड़, उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में राहत हेतु सब्सिडी 326 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुए व्ययों की प्रतिपूर्ति 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है.
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सदन में जोर शोर से गूंजा अघोषित बिजली कटौती का मामला

रायपुर :  विधानसभा में प्रदेश में चल रही अघोषित बिजली कटौती का मामला गूंजा. विपक्ष के डॉ चरणदास महंत, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, उमेश पटेल और द्वारकाधीश यादव ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती से खेतों को पानी नहीं मिल रहा है और फसल चौपट होने की कगार पर है. विपक्ष के सदस्यों ने इस पर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए चर्चा कराने की मांग की. जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने अस्वीकार कर दिया.

गृह निर्माण सहकारी सोसाइटी में NOC की बाध्यता खत्म करने की मांग

गृह निर्माण सहकारी सोसाइटी में निर्माण कार्य के लिए अनिवार्य NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की बाध्यता खत्म करने की मांग को लेकर मंगलवार को सदन में चर्चा हुई. भाजपा विधायक राजेश मूणत ने सरकार से सवाल किया कि जब विभिन्न सरकारी विभागों में निर्माण कार्य से पहले NOC की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है तो सहकारी सोसाइटियों में इसे अब तक क्यों बरकरार रखा गया है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोसाइटी में प्लॉट खरीदने वाले लोग NOC के लिए परेशान हो रहे हैं और इस प्रक्रिया की आड़ में अधिकारी अवैध वसूली कर रहे हैं. विधायक मूणत ने सरकार से इस नियम में जल्द संशोधन करने की मांग की. जिससे आम जनता को राहत मिल सके.
इस पर विभागीय मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले को लेकर चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. जो जल्द ही इस पर फैसला लेगी. मंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में लोगों को NOC से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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202 करोड़ से बनेंगे 6 हॉस्टल

छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 6 हाॅस्टल बनाए जाएंगे. इसके लिए केन्द्र के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 202 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है. इनमें राजधानी में तीन के साथ ही नवा रायपुर में सेक्टर-16 में एक और बिलासपुर तथा सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी को दो हॉस्टल के लिए राशि दी गई है. राजधानी रायपुर में कामकाजी महिलाओंके लिए करीब 48 करोड़ रुपए की लागत से तीन वर्किंग वूमन्स हॉस्टल बनाए जाएंगे. 
250-250 बेड के इस हॉस्टल के बनने से राजधानी में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा सस्ती दर पर मिलेगी. तीनों हॉस्टल तीन माले की होगी. इनमें से प्रत्येक हॉस्टल में 250-250 बेड का इंतजाम किया जाएगा. हॉस्टल के कमरे डबल बेडरुम वाले होंगे और उसमें अटैच वासरुम रहेगा. कोशिश रहेगी कि सभी हॉस्टल में मेस की सुविधा रहे. जिससे कामकाजी महिलाओं को नाश्ता व खाने के लिए बाहर न जाना पड़े. ये हॉस्टल रिहायशी इलाकों में ही बनाए जाएंगे. जिससे महिलाओं को आने-जाने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो.
प्रक्रियाओं को तेज करते हुए इन हॉस्टल को एक साल के अंदर तैयार करने की कोशिश की जाएगी. तीनों हॉस्टल की निर्माण एजेंसी निगम रहेगा और इसका संचालन व संधारण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर किया जाएगा.
लगभग 10 हजार महिलाएं कर रही काम
रोजगार कार्यालय से अनुसार राजधानी में लगभग 10 हजार महिलाएं बाहर से आकर सरकारी विभागों में कार्यरत हैं. निजी संस्थानों में यह संख्या बढ़ सकती है.
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आचार संहिता खत्म

रायपुर : राज्य निर्वाचन आयोग ने 20 जनवरी को छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव का ऐलान किया था. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी.
15 फरवरी को नगरीय निकाय चुनाव की काउंटिंग के बाद उसी दिन शाम राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता को शहरी क्षे़त्र में शून्य कर दिया था. याने 15 फरवरी से नगरीय इलाकों में आचार संहिता खत्म हो गई थी. हालांकि, दोनों चुनावों का कार्यक्रम एक साथ जारी हुआ था. इसलिए अचार संहिता 25 को खत्म होता. मगर आयोग ने शहरी इलाकों में मतगणना के बाद आचार संहिता में ढिल दे दी थी. आयोग ने दस दिन पहले ही आचार संहिता हटा दिया था.
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए लागू आचार संहिता को भी हटा दिया. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर, पोस्टिंग, नए कामों पर से ब्रेकर हट गया है. अब सभी काम पहले के जैसे प्रारंभ हो जाएंगे.
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