प्राचार्य पर कमीशनखोरी व मानसिक प्रताड़ना के आरोप, पुन: पदस्थ करने पर छात्रों का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का घेराव, आखिरकार झुका प्रशासन
The principal was accused of bribery and mental harassment, students protested against his reinstatement, and the Collectorate was surrounded. The administration finally relented.
गरियाबंद : गरियाबंद पीएम श्री स्कूल के छात्रों ने प्राचार्य को हटाने के लिए कलेक्टोरेट का घेराव किया. निलंबन के बाद भी प्राचार्य को वापस उसी स्कूल में पदस्थ करने पर छात्रों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आदेश को निरस्त कर दिया है.
गरियाबंद स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम पीएम श्री स्कूल के लगभग 400 बच्चे प्राचार्य हटाओ की तख्तियां हाथों में उठाए नारा लगाते कलेक्टोरेट के मुख्य दरवाजे पर बैठ गए. एडीएम पंकज डहारे जब छात्रों से बात करने पहुंचे तो उन्होंने ज्ञापन दिया. जिसमें प्राचार्य वंदना पाण्डेय पर गंभीर आरोप लगाए गए थे.
इसमें छात्रों को मानसिक रुप से प्रताड़ित करने के साथ एडमिशन के लिए ज्यादा पैसा लेने, प्रैक्टिकल का नम्बर काटने, अनावश्यक मीटिंग लेकर पढ़ाई प्रभावित करने का भी आरोप लगाया. एडीएम डाहरे ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि जांच के बाद दो-तीन दिनों में उचित फैसले ले लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि डीईओ ने अब तक जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत नहीं कराया था. वरना ऐसी नौबत नहीं आती.
17 अक्टूबर 2025 को मंत्रालय स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्य वंदना पाण्डेय को निलंबित करने का आदेश जारी किया था. आदेश में 31 जनवरी 2025 को शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण का हवाला देकर बताया गया था कि पीएम श्री स्कूल में काफी अनियमितता पाई गई. जिसकी जिम्मेदार प्राचार्य को ठहराया गया.
जनवरी 2025 में पाई गई खामियों पर कार्रवाई के लिए मंत्रालय को 10 महीने लग गए. लेकिन कार्रवाई के ठीक पांच माह बाद ही 29 जनवरी को प्रशासनिक आवश्यकता का हवाला देकर बहाल भी कर दिया. जबकि निलंबित संस्थान में वापसी उसी पद पर बहाल नहीं करने का सरकारी प्रावधान है.
नियम विरुद्ध बहाली लेकर संस्थान पहुंची प्राचार्य के तेवर बदले थे. जिससे संस्थान का माहौल बिगड़ गया. 5 फरवरी को पीएम श्री स्कूल के 28 स्टाफ जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंग धीर को मामले से अवगत कराते हुए प्राचार्य को अन्यत्र पदस्थ करने की मांग रखी. 5 दिन तक सुनवाई नहीं हुई तो आज छात्रों ने मोर्चा खोल दिया.
दो गुटों में बंट चुके पीएम श्री स्कूल एक दिन पहले भी सुर्खियों में था. दरअसल स्कूल के स्टाफ द्वारा बनाए गए दो वायरल वीडियो की चर्चा मीडिया में हुई है. हालांकि रील में दिख रहे शिक्षकों ने कहा था कि स्कूल में आयोजित उत्सव के समापन के बाद शिक्षकीय दायित्व सम्पन्न करने के बाद रील बनाई गई थी. जिसे दुर्भावना बस प्राचार्या द्वारा मीडिया के जरिए वायरल कराया गया. वही इस पूरे मामले में रील्स बनाने वाली शिक्षकों पर भी गिरी है गाज जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
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