हाथियों के आतंक से परेशान एक दर्जन गांव के ग्रामीणों ने बैठक में लिया फैसला, 30 अक्टूबर को कलेक्टर को मांगों को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन

Villagers of a dozen villages troubled by elephant terror took a decision in the meeting will submit memorandum regarding demands to the collector on October 30

हाथियों के आतंक से परेशान एक दर्जन गांव के ग्रामीणों ने बैठक में लिया फैसला, 30 अक्टूबर को कलेक्टर को मांगों को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के एक दर्जन गांव के लोग लगातार हाथियों के आतंक से परेशान हो गए हैं. सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है. ग्रामीण इन दिनों डर में अकेले राशन लेने नहीं जा पा रहे हैं.
ग्रामीण रात-रात भर रतजगा करने मजबूर हो रहे हैं परेशान हो चूके ग्रामीणों ने रविवार को ग्राम चलकीपारा में बैठक का आयोजन किया. इस बैठक में बड़ी तादाद में क्षेत्र के लोग शामिल हुए बैठक में प्रमुख रुप से जिला पंचायत सभापति श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, ग्राम पंचायत जिड़ार के सरपंच दुलेश्वरी नागेश,आदिवासी नेताम टीकम कपिल, महेन्द्र नेताम के मौजूदगी में बैठक का आयोजन किया गया.
इस बैठक में फैसला लिया गया कि हाथी प्रभावित ग्रामों के लोगो की एक प्रतिनिधि मंडल अपनी परेशानियों को लेकर 28 अक्टूबर को मैनपुर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौपेगें और 30 अक्टूबर को जिला मुख्यालय गरियाबंद पहुंचकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ और वन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.
जिला पंचायत सभापति श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा हाथी प्रभावित ग्रामों के किसानो को जितना मुआवजा मिलना चाहिए नही मिल रहा है.  प्रति एकड़ 75 हजार रुपये और जनहानि की हालत में एक करोड़ मुआवजा देना चाहिए.
उन्होने कहा अनुसूचित क्षेत्र में बगैर ग्रामसभा के सहमति से कूप कटिंग कार्य पर रोक लगाई जाए. जिड़ार, देहारगुड़ा, दबनई, तुहामेटा पंचायत क्षेत्र गुगल मैफ में सोनाबेड़ा वल्डलाईफ सेंचूरी क्षेत्र बताया जा रहा उसे फौरन निरस्त किया जाए.
श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने आगे कहा इस क्षेत्र के ग्रामीण बड़ी तादाद में इस परेशानी को लेकर गरियाबंद कलेक्टर को ज्ञापन सौपेंगे.
इस बैठक में प्रमुख रुप से जिला पंचायत सभापति लोकेश्वरी नेताम, सरपंच दुलेश्वरी नागेश, मुकेश कपिल, टीकम कपिल, सुंन्दर कपिल, महेन्द्र नेताम, नारायण नेताम, सतिश नागेश, दौलत नेताम,लायसर ओटी, गोविंद फसर, यमेन्द्र ओटी, बिजउराम, चन्द्रसेन नेताम, मिलन मरकाम, चैनसिंह फरस, अमर सिंह, विष्णु नेताम, रामेश्वर नेताम, बल्दुकपिल, लोचन नेताम, चिंता नेताम, देवी मरकाम, खामेश्वर, बिजेन्द्र नेताम, देवचरण व बड़ी तादाद में क्षेत्र के ग्रामीण और महिला पुरुष मौजूद थे.
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