मवेशियों की लड़ाई से मचा हड़कंप, गणेश-पंडाल के पास खड़े बच्चे समेत 4 लोग घायल, मासूम का दांत टूटा, आंख के पास आई चोट

Cattle fighting caused a commotion, 4 people including a child standing near Ganesh-pandal were injured, an innocent child's tooth was broken, he got injured near the eye

मवेशियों की लड़ाई से मचा हड़कंप, गणेश-पंडाल के पास खड़े बच्चे समेत 4 लोग घायल, मासूम का दांत टूटा, आंख के पास आई चोट

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा में दो मवेशियों की लड़ाई ने गणेश पंडाल के पास खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. टकराते हुए मवेशी पंडाल के सामने पहुंचे और वहां खड़े 13 महीने के मासूम समेत 4 लोगों को घायल कर दिया. अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई.
मिली जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक-22 निवासी राकेश देवांगन का परिवार गणेश पंडाल के सामने खड़ा था. इस दौरान अचानक दो बैल लड़ते-लड़ते वहां पहुंच गए और 13 महीने के युगार्थ, 13 वर्षीय सौम्या, 70 साल की बसंती बाई और 45 साल के गोकुल ठाकुर को ले अपनी चपेट में लिया. लोग बचाव के लिए इधर-उधर भागे. लेकिन कुछ ही पलों में हादसा हो गया.
घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका इलाज जारी है. हादसे में मासूम युगार्थ को आंख के पास गंभीर चोट आई है और उसका एक दांत भी टूट गया है. वहीं, सौम्या, बसंती बाई और गोकुल ठाकुर को भी चोटें आई हैं. सभी को दल्लीराजहरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की स्थिति अभी स्थिर है. लेकिन मासूम की चोट गंभीर है.
स्थानीय निवासी राकेश देवांगन का कहना है कि गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर मवेशियों का झुंड रोजाना बैठा रहता है. कई बार लोग इनकी वजह से हादसों के शिकार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन को इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और नियंत्रित करने की ठोस योजना बनानी चाहिए ताकि आमजन सुरक्षित रह सकें.
यह कोई पहला मामला नहीं है. करीब 20 दिन पहले दल्लीराजहरा के जैन भवन के पास एक्सिस बैंक के सामने भी दो मवेशी आपस में भिड़ गए थे. उस दौरान तीन बाइक सवार युवक इनकी चपेट में आकर गंभीर रुप से घायल हो गए. हालत नाजुक होने के चलते उनमें से दो को बड़े अस्पताल रेफर करना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोग दहशत में हैं.
लोगों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को मिलकर मवेशियों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए. अगर इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए. ताकि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इस तरह की अनचाही घटनाओं को टाला जा सके.
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