रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, शव लेने से किया इंकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत, हटाए गए जेलर

Congress leader dies in Raipur jail; family alleges murder, refuses to accept body; tribal community calls grand council, jailer removed

रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, शव लेने से किया इंकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत, हटाए गए जेलर

रायपुर : कांग्रेस नेता और सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर उम्र 49 साल की रायपुर सेंट्रल जेल में इलाज के दौरान 4 दिसंबर 2025 को मौत हो गई. वे फर्जी वन पट्टा मामले में 12 अक्टूबर से कांकेर जिला जेल में बंद थे. लेकिन 2 दिसंबर को बिना परिवार को सूचना दिए रायपुर शिफ्ट कर दिए गए.​
जीवन ठाकुर चारामा ब्लॉक के कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं. उनकी मौत से ग्राम मायना के आदिवासी समाज और परिजनों में गहरा आक्रोश है. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्राम मायना पहुंचकर पीड़ित परिवार और आदिवासी समाज के लोगों से मुलाकात की बात कही. विधायक सावित्री मंडावी ने भी बिना सूचना के स्थानांतरण के आदेश और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि शिफ्टिंग की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई. न ही तबीयत बिगड़ने या मेकाहारा अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली. 4 दिसंबर सुबह 4:20 बजे भर्ती हुए ठाकुर की 7:45 बजे मौत हो गई.जबकि परिवार को शाम 5 बजे ही वायरलेस संदेश से खबर दी गई. आदिवासी समाज ने जेल प्रशासन पर लापरवाही, जानकारी छिपाने और हत्या की आशंका जताते हुए मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है.
कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन
आदिवासी समाज के लोग कांकेर कलेक्ट्रेट पहुंचे और शव लेने से इंकार कर दिया. उन्होंने दोषी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा, क्षतिपूर्ति और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की मांग की. 7 दिनों में विशेष जांच समिति न बने तो बड़ा आंदोलन की चेतावनी दी गई. गोंडवाना समाज सामान्य समिति बस्तर संभाग के सुमेर सिंह नाग समेत अन्य आदिवासी प्रमुखों ने इस घटना को सामान्य मौत मानने से इंकार किया है. परिजनों ने चारामा थाने में ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की हैं
पूरी घटना की तत्काल मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए.
जिम्मेदार जेल अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो.
पीड़ित परिवार को समुचित क्षतिपूर्ति (क्षतिपूर्ति) प्रदान की जाए.
मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए.
परिवार की उपस्थिति में ही पोस्टमॉर्टम कराया जाए और शव को गृह ग्राम सुरक्षित सौंपा जाए.
जेलर पर कार्रवाई
मौत के बाद कांकेर जिला जेल की सहायक जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव को हटाकर जगदलपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया. उनकी जगह धमतरी जेल अधीक्षक महेश कुमार को कांकेर में लगाया गया. रायपुर जेल अधीक्षक ने बीमारी से मौत होने का दावा किया है. दंडाधिकारी जांच की बात कही.
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फिलहाल, मृतक जीवन ठाकुर का शव रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में रखा गया है. और कांकेर में प्रशासन व समाज के बीच गतिरोध बना हुआ है. खबर है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज मृतक नेता के परिजनों से मिलने और सांत्वना देने के लिए कांकेर पहुंच सकते हैं.

तारीख घटनाक्रम
12 अक्टूबर फर्जी वन पट्टा मामले में कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया.
2 दिसंबर बिना सूचना के रायपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया.
4 दिसंबर (4:20 AM) तबीयत बिगड़ने पर डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा), रायपुर में भर्ती.
4 दिसंबर (7:45 AM) इलाज के दौरान मौत.
4 दिसंबर (करीब 5 PM) परिजनों को वायरलेस संदेश से मौत की सूचना मिली.