90 करोड़ का डीएमएफ घोटाला, अधिकारी लेते थे 40% कमीशन, ED की चार्जशीट में खुलासा, निलंबित, IAS रानू साहू व 9 लोगों की सम्पत्ति अटैच

DMF scam of Rs 90 crore, officers used to take 40% commission, revealed in ED's charge sheet, suspended, property of IAS Ranu Sahu and 9 people attached

90 करोड़ का डीएमएफ घोटाला, अधिकारी लेते थे 40% कमीशन, ED की चार्जशीट में खुलासा, निलंबित, IAS रानू साहू व 9 लोगों की सम्पत्ति अटैच

रायपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुचर्चित खनिज जिला न्यास मद (डीएमएफ) घोटाले के मामले में सोमवार को विशेष कोर्ट में आठ हजार 21 पन्नों का पहला आरोप पत्र पेश किया. ईडी ने निलंबित आईएएस रानू साहू और 9 अन्‍य लोगों की 21 करोड़ 47 लाख की संपत्ति कुर्क कर दी है। इसमें जमीन, आवासीय संपत्तियां, सावधि जमा और बैंक बैलेंस सहित इन संपत्तियां शामिल है.
ईडी की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि ये संपत्तियां आईएएस रानू साहू और नौ अन्य आरोपियों माया वारियर, राधेश्याम मिर्झा, भुवनेश्वर सिंह राज, वीरेंद्र कुमार राठौर, भरोसा राम ठाकुर, संजय शेंडे, मनोज कुमार द्विवेदी, हृषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला की हैं, जो डीएमएफ घोटाला मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही हैं.
आरोप पत्र में अब तक हुई जांच के हवाले से ईडी ने आकलन दिया है कि डीएमएफ घोटाला 90 करोड़ 48 लाख रुपये का है. आरोप पत्र में जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू, महिला बाल विभाग की अफसर रही माया वारियर, ब्रोकर मनोज कुमार द्विवेदी समेत 16 आरोपितों के नाम हैं.
ईडी सूत्रों ने बताया कि विशेष कोर्ट में पेश किए गए अभियोजन चालान में 169 पन्नों में प्रासिक्यूशन कंप्लेन और 7,852 आरयूडी दस्तावेज शामिल हैं.
मनोज द्विवेदी को कोर्ट ने भेजा जेल
चार दिन की ईडी रिमांड खत्म होने पर सोमवार को कारोबारी और एनजीओ के सचिव मनोज कुमार द्विवेदी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने मनोज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.
ईडी की जांच से पता चला है कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 40% तक कमीशन दिया था.
द्विवेदी ने डीएमएफ फंड की हेराफेरी करके 17 करोड़ 79 लाख रुपये कमाए. जिसमें से छह करोड़ 57 लाख अपने पास रख लिए. बाकी रकम रिश्वत के रुप में अधिकारियों को दे दी।.ठेका के लिए जिला स्तर के अधिकारियों से मिलीभगत कर उनकी मदद भी की.
आरोप पत्र में हैं ये 16 नाम
निलंबित आईएएस रानू साहू, माया वारियर, मनोज कुमार द्विवेदी, भुवनेश्वर सिंह राज, भरोसा राम ठाकुर, वीरेंद्र कुमार राठौर, राधेश्याम मिर्झा, श्रीकांत दुबे, संजय शिंदे, हरिषभ सोनी, राकेश कुमार शुक्ला, अशोक अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, विनय कुमार अग्रवाल, ललित राठी और तोरणलाल चंद्राकर के नाम शामिल हैं.
टेंडर भरने वालों को पहुंचाया अवैध लाभ
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर घोटाले में ईओडब्ल्यू ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है। केस में यह तथ्य सामने आया कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है. टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया. जांच में पाया गया कि टेंडर राशि का 40% सरकारी अफसर को कमीशन के रुप में दिया गया है.
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