नहीं मिली नौकरी, किया प्रदर्शन, मालिक की गाड़ी के सामने लेटी विधवा महिला, किसानों ने पुलिस बुलाकर डराने का लगाया आरोप

Did not get job demonstrated widow woman lying in front of owners car farmers called police and accused of intimidating her

नहीं मिली नौकरी, किया प्रदर्शन, मालिक की गाड़ी के सामने लेटी विधवा महिला, किसानों ने पुलिस बुलाकर डराने का लगाया आरोप

बिलासपुर/जांजगीर चांपा : जिले के कोटमीसोनार के पास स्थापित राशि स्टील एंड पॉवर प्लांट के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के परिजनों को नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
प्रभावित किसानों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन ने उनकी मांगी गई नौकरियों पर ध्यान नहीं दिया है. उल्लेखनीय है कि राशि स्टील एंड पॉवर प्लांट ने जिले के कोटमीसोनार, पाराघाट और आसपास के गांवों के किसानों की भूमि लेकर फैक्ट्री स्थापित की है.
हाल ही में 5 सितंबर को प्रभावित परिवार के सदस्य प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर पहुंचे. लेकिन उन्हें प्लांट के गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. सूत्रों के मुताबिक जब प्लांट के मालिक और उनके परिवार के सदस्य बीएमडब्ल्यू कार में बाहर निकल रहे थे. तो एक विधवा महिला ने विरोध स्वरुप उनकी कार के सामने लेट गई.
महिला शिवकुमारी सोनी ने आरोप लगाया कि उनके पति की मौत के बाद उन्होंने अपने बेटे के लिए नौकरी की मांग की थी. अब तक प्रबंधन ने उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया है. शिवकुमारी सोनी का कहना है कि उनकी 60-65 डिसमिल जमीन प्लांट के लिए ली गई थी. लेकिन उनके बेटे को अब तक नौकरी नहीं दी गई है.
प्रभावित किसानों में लल्लू राम साहू, विजेन्द्र बंजारे और रामकिशुन यादव जैसे कई लोग शामिल हैं. जिन्होंने भी अपने अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इन किसानों का कहना है कि जब उनकी जमीन प्लांट के लिए ली गई थी. तब उन्हें नौकरी का आश्वासन दिया गया था. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
किसानों को ठगने का आरोप
राशि स्टील एंड पावर प्लांट के मालिकों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने किसानों को नौकरी का लालच देकर उनकी जमीनें कम दाम में खरीदीं और अब उन जमीनों पर कई यूनिटों का संचालन कर रहे हैं. जिससे वे भारी मुनाफा कमा रहे हैं.
किसानों का आरोप है कि प्लांट के मालिकों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनकी जमीनें उचित मूल्य पर खरीदी जाएंगी और उनके परिवार के सदस्य प्लांट में नौकरी पा सकेंगे. इसके बावजूद अब तक कई किसान परिवारों के सदस्य रोजगार से वंचित हैं. प्लांट के मालिक ज्योति अग्रवाल और रोहित अग्रवाल का नाम सामने आ रहा है.
किसानों का कहना है कि इन मालिकों ने उन्हें नौकरी के आश्वासन के साथ कम दाम पर जमीनें बेचनें के लिए प्रेरित किया. लेकिन अब उनकी मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं. किसानों ने इस मुद्दे को लेकर स्थानीय प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है. वे चाहते हैं कि उनकी नौकरी की मांग पूरी की जाए और ठगी के आरोपों की जांच की जाए. किसानों की इस मांग को लेकर स्थानीय समुदाय और राजनीतिक दलों में भी चर्चा शुरु हो गई है.
किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे
पाराघाट के किसानों ने राशि स्टील एंड पावर प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. आरोप है कि कंपनी के जनरल मैनेजर विनोद तिवारी ने पुलिस को बुलाकर डराने-धमकाने की कोशिश की. लेकिन किसान परिवार अपने संघर्ष में अडिग रहा. प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरुप प्लांट के मालिक की गाड़ी के सामने बीच सड़क पर लेट कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि वे आधे तो प्लांट को जमीन देकर ही मर चुके हैं. अब या तो उन्हें नौकरी दी जाए या गाड़ी उन्हें कुचल दे. इस दौरान गाड़ी के मालिक ने वापस प्लांट ले जाकर पुलिस को बुलाया और फिर अपने घर के लिए रवाना हो गए.
प्रभावित किसान परिवारों का कहना है कि जमीन लेने के समय प्लांट प्रबंधन ने सभी परिवारों को नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन अब वे उस वादे से मुकर रहे हैं.
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राशि स्टील एंड पॉवर प्लांट: जीएम विनोद तिवारी
राशि स्टील एंड पावर प्लांट के जनरल मैनेजर विनोद तिवारी ने प्रभावित किसानों की नौकरी की मांग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने महिला के बेटे को पहले ही नौकरी प्रदान की है. विनोद तिवारी ने कहा कि कंपनी की नीति के मुताबिक एक ही परिवार के एक सदस्य को ही नौकरी दी जा सकती है. इस हालत में महिला के चचेरे भाई के लिए नौकरी की मांग की जा रही है. लेकिन कंपनी की मौजूदा नीति के तहत ऐसा संभव नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर भविष्य में फैक्ट्री का विस्तार होता है. तो इस मांग पर पुनर्विचार किया जा सकता है.