ड्राइवर महासंघ का प्रदर्शन, बीमा-आवास, शिक्षा और सुरक्षा समेत 15 सूत्रीय मांग, कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लगाई इंसाफ की गुहार

Drivers' Federation stages protest; rally held up to the Collectorate to press for 15-point demands—including insurance, housing, education, and security—and a memorandum submitted to the Collector with an appeal for justice.

ड्राइवर महासंघ का प्रदर्शन, बीमा-आवास, शिक्षा और सुरक्षा समेत 15 सूत्रीय मांग, कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लगाई इंसाफ की गुहार

महासमुंद : शहर में छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को विशाल रैली निकाली. ड्राइवर का बीमा और सड़कों पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने जैसी मांगों को लेकर महासंघ कलेक्ट्रेट पहुंचा. और प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई. प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक साथ आंदोलन किया जा रहा है.
कई परेशानी का सामान कर रहे ड्राइवर- महासंघ
सदस्यों ने लोहिया चौक से रैली की शुरुआत की. जो नेहरू चौक, बरोंडा चौक और शास्त्री चौक होते हुए कलेक्टरेट परिसर पहुंची. इस दौरान बड़ी तादाद में चालक और महासंघ के पदाधिकारी शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. महासंघ का कहना है कि प्रदेशभर के चालकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जिसके समाधान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए.
ड्राइवर महासंघ छत्तीसगढ़ अध्यक्ष पूनम क्षत्रिय ने कहा कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक साथ आंदोलन किया जा रहा है. ड्राइवर समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. लेकिन इसके बावजूद चालकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सही प्रयास नहीं किए जा रहे हैं.
महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही ड्राइवरों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे. प्रदर्शन के दौरान बड़ी तादाद में चालक, महासंघ के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे.
प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने अपनी सुरक्षा और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं:
बीमा सुरक्षा: दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख और अपंगता होने पर 10 लाख रुपये का बीमा
सड़क सुरक्षा: सड़कों से मवेशियों और आवारा पशुओं को हटाना
सुविधाएं: ड्राइवरों के लिए विश्राम कक्ष (रेस्ट रूम) की व्यवस्था
आर्थिक सहायता: आवास निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि
विशेष दर्जा: 1 सितंबर को आधिकारिक रूप से “ड्राइवर दिवस” घोषित करना
अनावश्यक परेशानी पर रोक: सड़कों पर चालकों को तंग न करना
सभी 33 जिलों में एक साथ आंदोलन
ड्राइवर महासंघ के प्रदेश संचालक रोहित चंद्राकर ने बताया कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक साथ यह आंदोलन किया जा रहा है. ड्राइवर समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की प्रमुख कड़ी है. लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं.” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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