हाथियों का तांडव, रात में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, इधर घटारानी में दंतैल हाथी की दस्तक से 12 गांवों में दहशत, सैलानियों की चहलकदमी बंद
Elephants' rampage, three villagers died a painful death at night, here in Ghatarani, 12 villages are in panic due to the attack of a tusker elephant, tourists' movement is stopped
हाथियों का तांडव जारी, एक ही रात में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत
रायगढ़ : रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत लैलूंगा वन परिक्षेत्र में हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीती रात एक मादा हाथी और उसके शावक ने ऐसा उत्पात मचाया कि पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है. अलग-अलग गांवों में तीन ग्रामीणों की जान चली गई. मृतकों में एक मासूम बच्ची, एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का यह जोड़ा पहले गांव में घुसा और कई कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ डाला. जान बचाने के लिए लोग घरों से भागने लगे. लेकिन हाथियों का हमला यहीं नहीं थमा. गोसाईडीह गांव में मादा हाथी ने 5 वर्षीय बच्ची को सूंड में लपेटकर पटक दिया. जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
मोहनपुर गांव में एक महिला को हाथी ने सूंड से पटक-पटक कर मार डाला. एक अधेड़ व्यक्ति जो घर के भीतर सो रहा था. उसके ऊपर हाथी गिर पड़ा. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई है.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है. लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. कई लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. फिलहाल लैलूंगा क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
धरमजयगढ़ के डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने स्थानीय मीडिया को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यही मादा हाथी और उसका शावक कुछ दिन पहले बाकारुमा गांव में भी एक ग्रामीण की जान ले चुके हैं. यह जोड़ी लगातार विभिन्न गांवों में घूमते हुए जान-माल का नुकसान पहुँचा रहे है. लगातार हो रहे हाथी के हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा उचित चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है. लोग रात्रि गश्त, वन सुरक्षा दल और त्वरित अलर्ट सिस्टम की मांग कर रहे हैं ताकि आगे किसी और की जान न जाए.
मृतकों में बच्चा अंगेकेला का रहने वाला था। वहीं महिला की पहचान संतरा बाई, उम्र (43) और मोहनपुर निवासी पुरुषोत्तम खड़िया उम्र (50) के रूप में हुई है. इस दौरान कुल 3 घरों में भारी क्षति हुई है. वन विभाग ने मामले की संपूर्ण जानकारी लेकर मृतकों को सहायता राशि प्रदान की.
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घटारानी में दंतैल हाथी की दस्तक से 12 गांवों में दहशत, सैलानियों की चहलकदमी बंद
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में फिंगेश्वर के गनियारी जंगल में एक अकेला दंतैल हाथी इन दिनों तबाही की दस्तक दे रहा है. ये कोई सामान्य मूवमेंट नहीं, बल्कि जंगल से निकलकर इंसानी बस्तियों की तरफ बढ़ते कदम हैं. और अब पर्यटन स्थल घटारानी भी इसकी जद में आ चुका है. वन विभाग ने यहां हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
गनियारी जंगल के आसपास बसे फूलझर, जोगीडीपा, खुड़सा, करचाल, बकतरा, गोरखा सहित 12 से ज्यादा गांव खतरे की लिस्ट में हैं. ग्रामीणों को चेताया गया है कि वे रात के समय जंगल की तरफ न जाएं और खेत-नदी-नाले से दूर रहें.
वन विभाग की गजराज टीम और अमला लगातार हाथी की लोकेशन ट्रैक कर रहा है. हाथी का मूवमेंट जंगल से बाहर की तरफ होने की आशंका जताई गई है. जिससे घटारानी जलप्रपात जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी खतरे में हैं.
पर्यटन स्थल पर आने वाले लोगों को खास हिदायत दी गई कि कृपया किसी भी हाल में जंगल के भीतर न जाएं, सेल्फी के चक्कर में जान जोखिम में न डालें. गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा की जा रही है कि ग्रामीण घरों में ही रहें, बच्चों और बुजुर्गों को बाहर न निकलने दें. रात का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों की मानें तो यह हाथी पहले भी खेतों में फसल उजाड़ चुका है. वन विभाग को डर है कि अगर इसे जल्द रोका नहीं गया तो जान-माल का नुकसान हो सकता है. हाथी की लोकेशन की जानकारी या आपात स्थिति में फौरन वन विभाग की स्थानीय टीम को खबर करें.
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