धान खरीदी केंद्र में 28 लाख के 919 क्विंटल का गबन, कागज में खरीदी, संस्था के प्रबंधक-अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर पर गिरी राज, तीन आरोपी गिरफ्तार

Embezzlement of 919 quintals of paddy worth ₹28 lakh at a paddy procurement centre, purchases recorded on paper, the manager-president and computer operator of the organisation held responsible, three accused arrested

धान खरीदी केंद्र में 28 लाख के 919 क्विंटल का गबन, कागज में खरीदी, संस्था के प्रबंधक-अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर पर गिरी राज, तीन आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर/मस्तुरी : बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गतौरा स्थित धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और गबन का मामला सामने आया है. बिलासपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्था के प्रबंधक, अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक सेवा सहकारी समिति मर्यादित, गतौरा के धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी में भारी हेराफेरी की गई. जांच में पाया गया कि केंद्र से 919.96 क्विंटल धान कम मिला. जिसकी कुल कीमत करीब 28 लाख 51 हजार रुपए आंकी गई है। इस गड़बड़ी से शासन को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंची है.
इस मामले की शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, मस्तुरी द्वारा थाने में दर्ज कराई गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 213/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. संयुक्त जांच दल द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद गड़बड़ी की पुष्टि हुई.
जांच में सामने आया कि समिति के संस्था प्रबंधक, प्राधिकृत अध्यक्ष, धान खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर शासन की धान उपार्जन नीति का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर धान का गबन किया.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोमल प्रसाद चंद्रकार उम्र 46 साल, राजेंद्र राठौर उम्र 64 साल और हुलेश्वर धीरही उम्र 38 साल को उनके निवास से हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद उन्हें 3 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य शामिल आरोपियों की भी जांच की जा रही है. और जरुरत पड़ने पर आगे और कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि प्रदेश में धान खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है. इसके बावजूद इस तरह के घोटाले सामने आना गंभीर चिंता का विषय है. अब पूरी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या बिना मिलीभगत इतना बड़ा घोटाला संभव है?निगरानी और ऑडिट सिस्टम कहां फेल हुआ? क्या अन्य समितियों में भी इसी तरह का खेल चल रहा है? यह मामला सिर्फ एक केंद्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
आरोपी
कोमल प्रसाद चंद्रकार उम्र 46 साल (संस्था प्रबंधक)
राजेंद्र राठौर उम्र 64 साल (प्राधिकृत अध्यक्ष)
हुलेश्वर धिरही उम्र 38 साल (कंप्यूटर ऑपरेटर)
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