किसान परेशान, सोसायटियों में मिल रहा खाद, बुवाई का समय निकल रहा, सरकार नहीं चाहती किसान भरपूर उपज ले सके -हाफिज खान

Farmers are worried, fertilizer is available in societies, sowing time is passing, government does not want farmers to get full yield - Hafiz Khan

किसान परेशान, सोसायटियों में मिल रहा खाद, बुवाई का समय निकल रहा, सरकार नहीं चाहती किसान भरपूर उपज ले सके -हाफिज खान

गरियाबंद : सहकारी समितियों में खाद की किल्लत को सरकार का किसान विरोधी साजिश करार देते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने कहा है कि खरीफ की बुवाई का समय तेजी से बीत रहा है. लेकिन किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है. किसान परेशान हैं. सरकार के द्वारा किसानों को पहले एनपीके का विकल्प देने की बात कही गई और अब नैनो डीएपी का झांसा दे रहे हैं. असलियत यह है कि सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उत्पादन ले सके. ताकि समर्थन मूल्य पर कम धान खरीदी करना पड़े. यही वजह है कि खरीफ फसल की बोनी के ऐन वक्त पर खाद का कृत्रिम संकट उत्पन्न किया जा रहा है. जब किसानों के तरफ से डिमांड अप्रैल माह तक लिखाया जा चुका था., फिर सही समय में पर्याप्त मात्रा में खाद की रेक और सहकारी सोसाइटियों तक भंडारण की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हफीज खान ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में डीएपी खाद की कालाबाजारी की जा रही है. निजी दुकानों में 2000 रुपये प्रति बोरी तक किसानों से वसूला जा रहा है. जमाखोरो और कालाबाजारी करने वालों को सत्ता का संरक्षण है. जिसके चलते कृषि विभाग के अधिकारी जमाखोरों पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं. सरकार की दुर्भावना के चलते किसानों का आक्रोश चरम पर है. पूरे प्रदेश में किसानों का प्रदर्शन हो रहे हैं. लेकिन खाद की आपूर्ति करने के बजाय भाजपा के नेता मंत्री केवल सोशल मीडिया पर रिलबाजी में मस्त हैं.
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हफीज खान ने कहा है की सबसे बुरी हालत गरियाबंद जिले में है. जहां किसानों को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है. सरकार की बदइंतजामी के चलते प्रदेश के किसान जमाखोरों के शोषण का शिकार हो रहे हैं. पिछले खरीफ सीजन में भी सरकारी दुकानों में एक्सपायर नैनो यूरिया बेचने का मामला सामने आया था. इस बार भी नकली खाद, मिलावटी खाद और गुणवत्ताहीन उर्वरक पूरे प्रदेश में बिक रही है. डबल इंजन की सरकार का दावा करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार, केंद्र की मोदी सरकार से छत्तीसगढ़ के हक़, अधिकार और डिमांड के मुताबिक डीएपी खाद तक किसानों को उपलब्ध नहीं कर पा रही है.
खान ने कहा कि खाद की अनुपलब्धता सरकार की पूर्व तैयारी में गंभीर कमी और कृषि योजनाओं की विफलता को दर्शाती है. किसानों द्वारा पहले ही पंजीयन कराए जाने के बावजूद खाद का वितरण नहीं होना यह दर्शाता है कि या तो शासन ने पर्याप्त खाद नहीं मंगाया या फिर उसका वितरण सही ढंग से नहीं हो रहा. उन्होंने मांग किया कि शासन स्तर पर डीएपी खाद की आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट की जाए. केंद्र व राज्य सरकार से तत्काल खाद की खेप मंगाने हेतु पत्राचार किया जाए. जिले के किसानों को प्राथमिकता देते हुए खाद उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया जाए. सेवा सहकारी समितियों में किसानों की सूची व मांग के आधार पर पारदर्शी वितरण प्रणाली लागू की जाए. उन्होंने कहा अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो न सिर्फ किसानों के उत्पादन पर असर पड़ेगा. इससे किसानों में आक्रोश भी उत्पन्न होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी..
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दुर्ग : बता दें कि डीएपी खाद की भारी किल्लत से जिले में किसान परेशान हैं। सेवा सहकारी समिति में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। जनपद सदस्य ढालेश साहू ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उनसे तत्काल समितियों डीएपी की आपूर्ति करने मांग की है। उन्होंने सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ जिले के किसान धान समेत अन्य फसलों की बुवाई के बाद अब रोपाई में जुटे हैं, लेकिन इस बार डीएपी खाद (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की भारी कमी से उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की लगभग सभी सेवा सहकारी समितियों में डीएपी खाद का भंडार खाली है, जिससे किसान समितियों के बार-बार चक्कर काटने को मजबूर हैं.
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