डॉ. रमन तीन राज्यों के बनाए गए समन्वयक, श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की दरें जारी, 27 सितंबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

Dr Raman made coordinator of three states minimum wage and variable dearness allowance rates released for workers will receive national honor on September 27

डॉ. रमन तीन राज्यों के बनाए गए समन्वयक, श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की दरें जारी, 27 सितंबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की दरें जारी

रायपुर : श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार (01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर) किया जाता है.
श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन अलरमेल मंगई डी. द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत् श्रमिकों के लिये 1 अक्टूबर 2024 से परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता निर्धारित की गई है. लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जनवरी 2024 से जून 2024 के बीच 2.40 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई तदनुसार प्रति बिन्दु 20/- रुपए के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 48/- रुपए की वृद्धि की गई.
कृषि नियोजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर व्यूरो शिमला से प्राप्त सूचकांक में 29 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5/- रूपये प्रति बिन्दु के मान से 145/- रुपए प्रतिमाह परिवर्तशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.21 रूपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई. किसी तम्बाखू (जिसमें बीड़ी बनाना भी सम्मिलित है) विनिर्माण में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 28.30 रुपए प्रति हजार बीड़ी के मान से निर्धारित की गई.
उक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि उपरांत अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों को 1अक्टूबर 2024 से 31मार्च 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार देय होगी. अनुसूचित सामान्य नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार है -
 उक्त प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की वेबसाइट www.cglabour.nic.in पर भी उपलब्ध है. और इससे संबंधित पुस्तिका श्रमायुक्त कार्यालय, इन्द्रावती भवन, खण्ड-तीन, द्वितीय-तल, नवा रायपुर, अटल नगर से भी प्राप्त की जा सकती है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को 27 सितंबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, चित्रकोट और ढूढमारस गांव होंगे सम्मानित

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित द बेस्ट टूरिज्म विलेज कम्पटिशन 2024 के तहत बस्तर जिले के ढूढमारस और चित्रकोट गांवों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा.
बस्तर के ढूढमारस गांव को एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन तथा चित्रकोट को सामुदायिक आधारित पर्यटन में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान मिलेगा. यह सम्मान 27 सितंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस समारोह में प्रदान किया जाएगा.
धार्मिक पर्यटन के तहत, राज्य में पांच शक्तिपीठोंकृसूरजपुर का कुदरगढ़, चंद्रपुर का चंद्रहासिनी मंदिर, रतनपुर का महामाया मंदिर, डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर और दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर का विकास किया जा रहा है. इसके अलावा, प्रदेश में इको टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म में राज्य सरकार का विशेष फ़ोकस है.
राज्य सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ग्रांट बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संरक्षित करते हुए इनके आयोजनों की तैयारी में तेजी आएगी। बस्तर दशहरा का आयोजन इस बार विशेष रूप से भव्य और विशाल होगा. यह पर्व न केवल स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के जनता, अधिकारियों और स्थानीय समुदायों को बधाई दी. उन्होंने कहा, यह पुरस्कार हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरणीय संपदा की विजय है. हमारा लक्ष्य पर्यटन को राज्य की समृद्धि और विकास का प्रमुख साधन बनाना है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

डॉ. रमन तीन राज्यों के बनाए गए समन्वयक

रायपुर : भारत में आयोजित दसवें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र की कार्यकारिणी में देश भर की विधायिका के प्रतिनिधि मौजूद हैं. इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान इन तीनों राज्यों की एक कमेटी गठित हुई है. जिसके समन्वयक छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को चुना गया.
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी समिति के सदस्य है. संसद भवन में आयोजित इस कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि इन तीनों ही राज्यों में एक-एक संसदीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. जिसमें छत्तीसगढ़ में संभवत जनवरी में यह कार्यक्रम प्रस्तावित है.
इस कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं के लिए आउटरीच कार्यक्रम, शहरी स्थानीय निकायों के लिए आउटरीच कार्यक्रम, युवा विधायकों के लिए आउटरीच कार्यक्रम, महिला विधायकों के लिए आउटरीच कार्यक्रम, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की स्थायी समितियों/वित्तीय समितियों का सम्मेलन, विधायकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम, विशेष रूप से आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, अध्ययन के लिए दौरे, युवा संसद/युवा सम्मेलन, महत्वपूर्ण सार्वजनिक हस्तियों की स्मृति में कार्यक्रम, भारत का संविधान, संसदीय लोकतंत्र आदि विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इसके साथ ही महिलाओं, छात्रों और युवाओं को लक्ष्यित करने वाले विशिष्ट कार्यक्रम और विधायी प्रारुपण में प्रशिक्षण जैसे विषय भी इन संसदीय कार्यक्रमों का हिस्सा होंगे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

देश में सबसे कम बेरोज़गारी दर वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ ने पाया स्थान, UP को पीछे छोड़ा

रायपुर : हाल ही में जारी *Periodic Labour Force Survey (PLFS)*की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान प्राप्त किया है. राज्य में चल रहे रोजगार सृजन और विकास प्रयासों के कारण छत्तीसगढ़ अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है. जो बेरोजगारी दर के मामले में राज्य की बड़ी सफलता को दर्शाता है। ग़ौरतलब है कि ⁠राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा पीएलएफएस के लिए नमूना सर्वेक्षण और डेटा संग्रह का कार्य किया जाता है। जो कि भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आता है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ सरकार ने बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. सरकार ने हाल ही में पुलिस, स्वास्थ्य, पीएचई (सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी) और पंचायत विभागों में 1,068 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है. इन भर्तियों से राज्य में युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिलेंगे. जिससे राज्य की विभिन्न योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया है कि यह पहल राज्य के विकास को गति देने के साथ-साथ युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी.
छत्तीसगढ़ सरकार ने खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान केंद्रित किया है. सरकार ने स्वरोजगार और कौशल विकास को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं. ताकि गांव के युवाओं को अपने ही इलाके में काम करने का अवसर मिल सके और उन्हें महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े.
Periodic Labour Force Survey (PLFS)*की रिपोर्ट ने देश भर के विभिन्न राज्यों में बेरोजगारी के आंकड़ों का भी खुलासा किया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बेरोजगारी दर सबसे अधिक रही, जहां 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 29.9% दर्ज की गई. केरल में महिलाओं में बेरोजगारी दर 47.1% और पुरुषों में 19.3% रही। इसके अलावा, लक्षद्वीप में बेरोजगारी दर सबसे अधिक 36.2% दर्ज की गई. जिसके बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूहमें यह दर 33.6% रही।इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य सरकार की रोजगार सृजन नीतियों की सफलता का प्रतीक है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में माना है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास करें., जिससे वे नए उद्योगों में काम करने के लिए तैयार हो सकें. राज्य में कई कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं. जहां युवाओं को आधुनिक तकनीकों और कौशलों की शिक्षा दी जा रही है. ताकि वे रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb