मरही माता दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं पर टूटा बाढ़ का कहर, 4 बच्चे बहे, चार की मौत, बच्ची को बचाने कूदे पिता की भी मिली लाश

Flood wreaked havoc on devotees who had come to visit Marhi Mata, 4 children were swept away, four died, the body of the father who jumped to save the girl was also found

मरही माता दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं पर टूटा बाढ़ का कहर, 4 बच्चे बहे, चार की मौत, बच्ची को बचाने कूदे पिता की भी मिली लाश

बिलासपुर : बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई . जीपीएम जिले की सीमा से लगे बिलासपुर जिले के भनवारटक स्थित प्रसिद्ध मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचे बलौदाबाजार जिले के ध्रुव परिवार के साथ रविवार देर शाम को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. बलौदाबाजार-भाटापारा से मरही माता मंदिर दर्शन के लिए आए एक ही परिवार के चार बच्चे अचानक आई बाढ़ में बह गए.
मिली जानकारी के मुताबिक मंदिर दर्शन कर लौटते समय अचानक उफान पर आए नाले में तीन मासूम बह गए. इनमें से तीन बच्चों के शव रविवार को ही बरामद कर लिए गए थे. वहीं सोमवार सुबह रेस्क्यू टीम को बच्ची को बचाने कूदे पिता का शव भी मिला. इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है..मृतक दो बच्ची बलौदाबाजार जिले की रहने वाली थी जबकि मुस्कान और उसका पिता बलराम ध्रुव बिलासपुर के परसदा इलाके के यातायात नगर वार्ड क्रमांक 9 बरछापारा के निवासी थे 
बलौदाबाजार जिले के बिटकुली गांव का ध्रुव परिवार रविवार सुबह बस से मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचा. पूजा-अर्चना के बाद लौटते समय अचानक तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए.. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भनवारटक नाले के ऊपर पानी भरने से बस चालक ने यात्रियों से पैदल नाला पार करने को कहा था..जबकि बेलगहना चौकी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मंदिर जाने वाले रास्ते में बस नहीं जा सकती थी और सभी यात्री दूर खड़ी बस तक पहुंचने के लिए पानी के तेज बहाव के बावजूद नाले को पार करने की कोशिश कर रहे थे और यह हादसा हो गया.
इसी दौरान ध्रुव परिवार के तीन बच्चे तेज बहाव में बह गए. बच्चों को बचाने के लिए उनके पिता बलराम ने भी हिम्मत दिखाई और नाले में छलांग लगा दी. लेकिन तेज धार उन्हें भी अपने साथ बहा ले गई..
इस हादसे में अब तक गौरी ध्रुव उम्र 13 साल, निशांत ध्रुव उम्र 5 साल, मुस्कान ध्रुव उम्र 13 साल और उनके पिता बलराम ध्रुव की मौत हो चुकी है. सोमवार को रेस्क्यू टीम ने उनके पिता बलराम का शव भी बरामद कर लिया. परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है.
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने रविवार देर शाम से ही रेस्क्यू शुरु कर दिया था. लेकिन तेज बहाव और अंधेरा होने से दिक्कतें आईं. सोमवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने फिर से अभियान शुरु किया और लापता पिता बलराम का शव बरामद किया.
एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत ने पूरे बलौदाबाजार के बिटकुली  गांव और बिलासपुर के बोदरी को गहरे शोक में डाल दिया है. गांव के लोग स्तब्ध हैं. और परिवार के बाकी सदस्य रो-रोकर बेसुध हो गए हैं. मरही माता मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भी शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रशासन ने लोगों से अपील किया कि बरसात के मौसम में नदी-नाले पार करने से बचें. खासकर पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में अचानक बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है. जिससे बड़ा हादसा हो सकता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t