पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जूस पिलाकर चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव का 52 घंटे बाद खत्म कराया आमरण अनशन, जनता के हितों को अनदेखी का आरोप
Former CM Bhupesh Baghel ended the fast unto death of Chandrapur MLA Ramkumar Yadav after 52 hours by giving him juice accused of ignoring public interests
सक्ती : सक्ती जिले में गरीबों के द्वारा बनाए जा रहे 18 लाख प्रधानमंत्री आवास के बारे में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री के द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन में किए गए घोषणा के मुताबिक ट्रेक्टर में रेती को निशुल्क करने की मांग को लेकर चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव द्वारा किए जा रहे आमरण अनशन के तीसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जेठा-सक्ती पहुंचे. आमरण अनशन 52 घंटे बाद खत्म हुआ.
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू भी उनके साथ मौजूद रहे.
चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव 28 अक्टूबर दोपहर 1 बजे से अपने समर्थकों के साथ सक्ती कलेक्टोरेट के सामने आमरण अनशन बैठ हुए थे. विधायक के आमरण अनशन पर बैठेने के बाद अधिकारियों में हड़कम्प मच गया था. डॉक्टरों की टीम अनशन में बैठे विधायक रामकुमार यादव के स्वास्थ्य परीक्षण भी किया. तब बीपी लो और पानी कम थी.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया. अनशन का असल मकसद पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त रेत उपलब्ध कराने की मांग थी. ताकि गरीबों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके.
जहां कलेक्टर कार्यालय के सामने अपने विधायक रामकुमार यादव के आमरण अनशन के समर्थन में बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए प्रदेश में चल रही विष्णु देव साय सरकार को गरीब किसान विरोधी बताते हुए उसकी गलत कार्य प्रणाली के लिए जमकर निशाने पर लिया.
विधायक रामकुमार यादव की मांग है कि छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पीएम आवास के हितग्राहियों को निःशुल्क रेत देने की विधानसभा में घोषणा की थी. लेकिन सक्ती जिले के अधिकारी आवास निर्माण के लिए ट्रैक्टरों के परिवहन पर कार्रवाई कर रहे हैं. जबकि जिले के नदियों में बड़े स्तर पर चैन माउंटेन से रेत उत्खनन कर धड़ल्ले से हाइवा पर रेत परिवहन हो रही है. मगर ऐसे लोगों को खुली छूट मिली हुई है. जबकि छोटे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई हो रही है.
कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बड़े लोगों को रेत में खुली छूट दिया गया है. जबकि एक गरीब जो पीएम आवास बनाने के लिए ट्रैक्टर से रेत ले कर जा रहा है उन पर अधिकारी कार्रवाही कर रहे हैं. इस तरह सरकार अपने वादे से मुकर रही है. उन्होंने आगे कहां कि हम गरीब लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं. कलेक्टर एसपी के सामने अपना मांग रखे हैं. लेकिन कोई पहल उनके द्वारा नही की जा रही है जिस वजह से आमरण अनशन पर बैठना पड़ा.
दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए अनशन खत्म करने का फैसला लिया गया. ताकि इस त्यौहार पर किसी तरह का अवरोध उत्पन्न न हो और सभी लोग इसे हर्षोल्लास के साथ मना सकें.
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