फर्जी CBI अधिकारी व जज बनकर डिजिटल अरेस्ट का झांसा, 2 करोड़ का फ्राड, B. Tech साइबर सिक्योरिटीका छात्र समेत 4 शातिर गिरफ्तार

Four individuals, including a B.Tech cybersecurity student, were arrested for allegedly posing as CBI officers and judges and allegedly orchestrating a digital arrest.

फर्जी CBI अधिकारी व जज बनकर डिजिटल अरेस्ट का झांसा, 2 करोड़ का फ्राड, B. Tech साइबर सिक्योरिटीका छात्र समेत 4 शातिर गिरफ्तार

राजनांदगांव : थाना कोतवाली क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग का मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार एवं थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर जल्द से जल्द आरोपियों की पता तलाश करने के लिए निर्देश दिया गया. जिस पर सायबर सेल द्वारा प्रार्थियों के बैंक मनीट्रेल और आरोपियों के बैंक डिटेल और अन्य तकनीकी मदद् से जानकारी इकट्ठा कर गुरुग्राम हरियाणा और मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर रवाना हुए और डिजिटल अरेस्ट के 1 आरोपी और शेयर टेड्रिंग के मामले में 3 आरोपियों को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया दोनों मामलों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, आधार, पैन कार्ड और 5 नग मोबाइल फोन जप्त किया गया. मामले का विवरण इस तरह है.
मामला 01- अज्ञात साईबर ठगों द्वारा खुद को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में “जज” बताकर 79 साल की बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर मनी लांड्रिंग के केस में फसे हो कहकर डराया और व्हाट्सअप विड़ियों कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते हुये मनी लॉन्ड्रींग केस में फर्जी जज बनकर सुनवाई के दौरान कहा कि उनके खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करें, जिससे उनकी निर्दोषता साबित होगी. डर के कारण पीड़िता ने ठगों के बताये बैंक खातों में 79,69,047/- (अनयासी लाख उनहत्तर हजार सैंतालीस) रुपये ट्रांसफर कर दी. प्रार्थिया के खबर पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 700/2025 दर्ज कर जांच में लिया गया. साइबर सेल व थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की. ठगी की रकम में से 20 लाख रुपये आरोपी द्वारा यश बैंक के खाते में प्राप्त किया गया था. टीम गुरुग्राम हरियाणा में दबिश देकर एक आरोपी राधे श्याम को हिरासत में लिया. आरोपी द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को गुरुग्राम हरियाणा के विभिन्न बैंकों में चेक और एटीएम के जरिए नगद निकालकर 2% कमीशन अपने पास रख कर बाकी ठगी के रकम को गिरोह को भेजता था. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी है.
आरोपी :- (01) राधे श्याम पिता धनाराम उम्र 20 साल निवासी कुश्लावा जिला जोधपुर (राजस्थान)
मामला 02- साईबर ठगो द्वारा खुद को फारेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर प्रार्थी आयुष अग्रवाल निवासी राजनांदगांव को रुपये दोगुना करने का लालच दिया. इनवेस्टमेंट के लिए व्हाटसअप के जरिए फर्जी वेबसाईट लिंक भेजकर उस पलेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरुवात में छोटा मुनाफा 15 हजार रुपये प्रार्थी के एकाउंट में ट्रांसफर किए इस तरह प्रार्थी को भरोसे में लिया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल मिलाकर 1,21,53,590/- (एक करोड़ ईक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे) रुपये कई खातों में जमा कराए. ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे माँगे. बढे़ हुये रकम को प्रार्थी द्वारा विथड्रॉ करने की बात करने पर ठगों द्वारा बाहना करने पर प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ. फिर प्रार्थी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 रिपोर्ट दर्ज कराई. जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी और बंधन बैंक के खाता जिसमें ठगी की रकम 9 लाख रुपये ट्रांसफर की गई थी. जिसके खाता धारक धीरज सिंह जिसके द्वारा अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी के लिए रुपये 1,30,000/- (एक लाख तीस हजार) रुपये कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था. और उक्त बैंक खाता को ठगो तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर जो कि खाता उपलब्ध कराने के लिए 2% लेता था और डिम्पल यादव (बीटेक सायबर सेक्यूरिटी का छात्र) ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में और 2.8% कमीशन लेने का काम करता था. खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रुप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे.
आरोपी
(01) धीरज सिंग पिता गुलाब सिंग उम्र 34 साल निवासी अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (म.प्र.)
(02) अरविन्द्र ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर उम्र 30 साल निवासी मुकाती कॉलोनी बैंग ऑ बड़ोदा के पास कनौद रोड़ आष्टा जिला सिहौर थाना आस्ठा
(03) डिम्पल सिंह यादव पिता रणबिर सिंह उम्र 22 साल निवासी भिण्डावास जिला झज्जर थाना छुछकवास
उपरोक्त मामले में प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक विनय पम्मार, थाना प्रभारी कोतवाली के निरीक्षक नंद किशोर गौतम व कोतवाली स्टाफ प्र. आर. जी.सीरिल एवं सायबर सेल के आरक्षक अमित सोनी, जोगेश राठौर, हेमंत साहू और आदित्य सिंह की अहम भूमिका रही.
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