गजराज का आतंक, फिर घुसा 4 हाथियों का झुंड, लकड़ी लेने गई महिला पर हमला, गांव में दहशत का माहौल, कई खेतों की फसल बर्बाद, स्कूल में छुट्टी

Gajraj's terror: A herd of four elephants entered again, attacking a woman who had gone to collect wood, creating panic in the village, destroying crops in many fields, and declaring school a holiday.

गजराज का आतंक, फिर घुसा 4 हाथियों का झुंड, लकड़ी लेने गई महिला पर हमला, गांव में दहशत का माहौल, कई खेतों की फसल बर्बाद, स्कूल में छुट्टी

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र में हाथियों का आतंक एक बार फिर शुरु हो गया है. शुक्रवार देर रात कटघोरा वनमंडल क्षेत्र से भटका एक किशोर हाथी सोंठी वन क्षेत्र में प्रवेश कर गया. शनिवार सुबह होते-होते यह हाथी खोंधरा, सोंठी, कारीछापर और ठरकपुर मार्ग से होते हुए भरुवाडीह जंगल में पहुँच गया.
सुबह करीब 5.30 बजे भरुवाडीह की रहने वाली संत बाई ऊईके पति भोलाराम जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गई थीं. तभी हाथी ने उस पर हमला कर दिया. हमले में महिला को कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. वन विभाग द्वारा महिला का इलाज कराया गया.
सीपत सर्किल के डिप्टी रेंजर लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल ने बताया कि वर्तमान में प्रजनन का समय होने की वजह से हाथी झुंड से बिछड़कर इस क्षेत्र में पहुंचा है. हाथी की गतिविधि पर निगरानी के लिए वन विभाग ने ठरकपुर और भरुवाडीह जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरु किया है.
इधर हाथी के गांव में घुसने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन प्रबंधन समिति सर्किल सीपत के अध्यक्ष राजेश्वर कौशिक को सूचित किया. जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. ग्रामीणों ने बताया कि भटके हाथी ने भरुवाडीह में एक प्लॉट के फेंसिंग को तोड़ दिया और कई खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है.
हाथी के पगचिह्न गांव के आसपास कई स्थानों पर पाए गए हैं. सुरक्षा के मद्देनज़र भरुवाडीह प्राथमिक शाला में सुबह पाली के बच्चों को छुट्टी दे दी गई. गांव और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा मुनियादी कराई जा रही है. गंभीर बात यह रही कि 108 एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के कारण घायल महिला को वन विभाग की टीम ने पुलिस की 112 वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा.
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