नपुंसक लड़के की दहेज के लिए कराई शादी, बहू को मारपीट कर किया मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित, थाने में शिकायत दर्ज
Impotent boy marriage arranged for dowry daughter in law beaten and mentally and physically tortured complaint lodged in police station
भिलाई : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दहेज उत्पीड़न और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पीड़ित महिला के शिकायत पर महिला पुलिस थाना रायपुर ने 22 अगस्त से 13 सितंबर तक 3 बार काउंसलिंग कराया. जिसके बाद 14 सितंबर 2024 को आरक्षी केंद्र महिला थाना रायपुर के अपराध क्रमांक 89/2024 धारा 85 BNSs भारतीय न्याय संहिता में पति मोरारी राधारमन के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया. लेकिन पीड़िता के दिए गए आवेदन और बयान के मुताबिक अभी भी ससुराल वालों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है. जिसके लिए पीड़िता में महिला आयोग, मानव अधिकार संघ, और SP ऑफिस में आवेदन देकर ससुराल वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है.
उरला थाना क्षेत्र के पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी शादी 24 अप्रैल 2024 को हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक हुई. जिसके बाद वह अपने ससुराल उमदा चली गई. शादी के दूसरे दिन ही ससुराल में सबका रूखा व्यवहार रहा. जिस पर ससुर मोहन लाल देवांगन, सास सावित्री देवी और जेठानी डाली द्वारा खरी-खोटी सुनाते हुए दहेज के सामान में कमी बताकर ताना मारने लगे और जेठानी के दहेज की तुलना करने लगे.
जबकि पीड़िता के मायके से अपनी ताकत के मुताबिक 151000 /- का चैक, फर्नीचर सामान, स्कूटी, और सोने चांदी के करीब 5-6 लाख के जेवर दिए. साथ ही शादी में आए मेहमान द्वारा भी ग्रहस्त सामग्री और सोने चांदी के जेवरात दिए गए और पति मोरारी राधारमन को सोने के चैन और अंगूठी दिया गया.
शादी के बाद साथ रहने के दौरान पीड़िता को पता चला कि पति मोरारी राधारमन बेहद गुस्सैल सनकी और शक्की व्यक्ति है. जो मानसिक और शारीरिक रुप से कमजोर है. और शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं है.
जिस पर पति और पत्नी दोनों का चिकित्सकिय जांच हुआ. जिस पर डाक्टर द्वारा पति मोरारी राधारमन में शारीरिक कमजोरी (नपुंसकता) बताया गया. जिसकी जानकारी पीड़िता द्वारा सास सावित्री देवी को देने के बाद ससुर मोहन लाल ने पीड़िता से आपत्ति जनक बातें पूछा. अभद्र व्यवहार करते हुए कहा मां कौन होती है वो घर की मुखिया है. जिसको बताई हो जो भी है मुझे बोलो. और मैं इलाज करूंगा. डाक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं है. लोग दूर दूर से मेरे पास जड़ी बूटी लेने आते हैं.
जिसके बाद सास सावित्री देवी और ननद ने मारते हुए कहा घर का काम आता नहीं है. दहेज भी लाइ नहीं है. जबकि मोरारी ने पीड़िता को 17 मई से 20 मई मायके में छोड़ दिया था. और वापस ससुराल लाने से मना कर दिया.
लोककन्या सावित्री देवी और मोरारी ने कहा था 3 लाख दो तब बेटी को उमदा ले जाएंगे. जिस पर बेटी के घर बचाने के लिए पीड़िता के मायके वालों ने 3 लाख फिर दिए थे. फिर भी सास और ननद ने प्रताड़ित किया कि कुछ काम की नहीं जिस पर ससुराल के सभी सदस्यों और ससुर द्वारा बेटे की कमियों को छुपाते हुए पीड़िता को मारा पीटा गया गली गलौज किया गया और भाई वेणुगोपाल और ऋतुराज द्वारा भड़काने पर पति मोरारी राधारमन ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की.
जिसकी शिकायत पीड़िता पुलिस को करना चाहती थी लेकिन देवरानी और जेठानी द्वारा हाथ पकड़ कर खींचते हुए रुम में ले जाया गया और ननद द्वारा बाल खींच के मारा गया. सास, देवरानी, जेठानी और ननद द्वारा कमरे में बंद कर दिया गया.
साथ ही पति मोरारी, ससुर, देवर और जेठ द्वारा डराया धमकाया गया कि किसी को भी इन सबकी जानकारी हुई तो पीड़िता के मामा भाई पापा को जान से मरवा देंगे. जिसके डर से पीड़िता अपने पति के दबाव में आकर उसके साथ झारखंड चली गई. वहां मोरारी राधारमन अपने दोस्त से बात कर अपना और पीड़िता की नौकरी रामचंद्र चंद्रवंशी यूनिवर्सिटी के फॉर्मेसी डिपार्टमेंट में लगवाया.
झारखंड में रहने के दौरान भी पति द्वारा प्रताड़ित करने पर पीड़िता ने जब ससुराल वालों को कॉल किया तो सबने उसे ब्लाक कर दिया और पति के साथ रहने के दौरान पीड़िता को पता चला कि पति मोरारी राधारमन शादी नहीं करना चाहते थे. घर वालो के दबाव में दहेज के लिए शादी करना पड़ा. वो किसी और लड़की से प्यार करता है. जो रायपुर में रहने वाली लड़की है. जिसका नाम अपने हाथ में लिखाया है. और शादी से पहले उस लड़की के लिए ढेर सारी दवाइयां खा कर एम्स रायपुर में भर्ती रहे और अपने सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लेड भी चलाए हैं.
कुछ दिनों बाद पीड़िता जब पति के साथ छत्तीसगढ़ आई तो ससुराल वालों के कहने पर पति ने पीड़िता को अपने साथ ससुराल ले जाने से मना कर दिया और आधे रास्ते में छोड़ कर चले गए. जिसकी जानकारी होने पर पीड़िता के घर वालो ने पीड़िता को आधे रास्ते से घर लाया जब पीड़िता घर आई उसके शरीर पर चोट के निशान ओर चेहरे पर नाखूनों के निशान था जिसका इलाज पीड़िता ने खुद किया. क्योंकि वह अस्पताल में काम कर चुकी है और उसको दवाइयों को जानकारी है.
जिसके बाद पीड़िता अपने नजदीकी थाना उरला में इसकी जानकारी दी और उनके सलाह से महिला थाना रायपुर में मामले की पूरी जानकारी दी. जिस पर काउंसिलिंग के बाद पति पर केस दर्ज हुआ. लेकिब ससुराल वालों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है.
जिस पर 24 सितंबर 2024 को पति मोरारी राधारमन द्वारा रायपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया. जिसको कोर्ट ने 482 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अस्वीकार कर निरस्त किया. लेकिन अभी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
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