गरियाबंद से उभरी नक्सली मोर्चे की अंदरुनी फूट, उर्दंती एरिया कमेटी का लेटर वायरल, अब बंदूक छोड़ जनआंदोलन की राह पर बढ़ेंगे नक्सली

Internal divisions within the Naxalite Front emerge in Gariaband; a letter from the Urdanti Area Committee goes viral; Naxalites will now abandon their guns and embark on a mass movement.

गरियाबंद से उभरी नक्सली मोर्चे की अंदरुनी फूट, उर्दंती एरिया कमेटी का लेटर वायरल, अब बंदूक छोड़ जनआंदोलन की राह पर बढ़ेंगे नक्सली

गरियाबंद/छत्तीसगढ़ : नक्सली संगठन के भीतर गहराते मतभेद और रणनीतिक बदलाव की बड़ी खबर गरियाबंद से सामने आई है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पत्र ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. यह पत्र उर्दंती एरिया कमेटी के नाम से जारी किया गया है. जिसमें “कमरेड सुनील” ने साथियों को संबोधित करते हुए सशस्त्र संघर्ष खत्म करने और जनता के बीच जनआंदोलन के रुप में काम करने का आह्वान किया है.
पत्र में साफ लिखा है कि महाराष्ट्र में 16 अक्टूबर 2025 को हुए एनकाउंटर में सोनू दादा और रुपेश दादा सहित 61 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन में असंतोष और आत्ममंथन शुरु हो गया है. 17 अक्टूबर को बस्तर में हुए एक अन्य अभियान में 200 से ज्यादा नक्सलियों के आत्मसमर्पण या संघर्षविराम की चर्चा का हवाला देते हुए लिखा गया किअब हथियार उठाने की परिस्थिति नहीं रही. हमें जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करने के लिए आंदोलन चलाना चाहिए.
यह पत्र नक्सल संगठन के भीतर हथियारबंद संघर्ष से वैचारिक आंदोलन की तरफ झुकाव का इशारा दे रहा है.आखिर में ‘उर्दंती एरिया कमेटी के सुनील’ नाम से जारी इस पत्र में संपर्क नंबर और गुप्त कोड भी दिए गए हैं. जिससे यह साफ होता है कि संगठन के भीतर संवाद जारी है. सुरक्षा एजेंसियां इस पत्र की प्रामाणिकता की जांच में जुटी हैं. अगर यह पत्र सच साबित होता है, तो यह नक्सल मोर्चे पर सबसे बड़ा वैचारिक विभाजन साबित हो सकता है.
नक्सली संगठन की इस अंदरुनी फूट से संकेत मिल रहे हैं. लंबे समय से जारी हिंसक आंदोलन अब वैचारिक मोड़ पर पहुंच चुका है. अगर इस अपील को मैदानी स्तर पर समर्थन मिलता है. तो छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या की दिशा बदल सकती है.
इसी बीच गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने एक वीडियो जारी करते हुए नक्सलियों से भावनात्मक अपील किया कि हम आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं. समाज की मुख्यधारा में लौट आइए. हथियार छोड़िए. हिंसा को विराम दीजिए. जो भी नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहता है. वह बेझिझक सीधे मुझसे संपर्क करे. मैं और मेरी टीम उसकी और उसके परिवार की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे.
एसपी राखेचा ने इसके साथ ही अपना सीधा संपर्क नंबर +91 94791 90067 सार्वजनिक करते हुए कहा कि जो भी माओवादी हिंसा छोड़ना चाहता है. वह इस नंबर पर किसी भी समय संपर्क कर सकता है. उन्होंने कहा कि “अब वक्त है बंदूक की जगह किताब उठाने का.. समाज को जोड़ने का.
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