पत्रकारों ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि, प्रेस क्लब में आपात बैठक और मौन जुलूस, नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा कानून जल्द लाने की मांग

Journalists paid tribute by lighting candles, emergency meeting in Press Club and silent procession, submitted memorandum by raising slogans, demanded to bring security law soon

पत्रकारों ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि, प्रेस क्लब में आपात बैठक और मौन जुलूस, नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा कानून जल्द लाने की मांग

मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में रायपुर में पत्रकारों का धरना, राजभवन तक शांति मार्च, राजभवन के रवैये से पत्रकारों में नाराजगी

रायपुर : बीजापुर के पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की नृशंस हत्या के विरोध में शनिवार को पत्रकारों ने रायपुर प्रेस क्लब के बाहर धरना दिया और राजभवन तक शांति मार्च निकाला. हालांकि राजभवन के रवैये से पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी गई.
राजभवन तक शांति मार्च करते हुए पहुंचे पत्रकार उस वक्त नाराज हो गए जब जिला प्रशासन और पुलिस के कुछ अधिकारियों ने पत्रकारों को बीच रास्ते में ही रोक दिया और राजभवन के बाहरी गेट को भी बंद कर दिया.
पत्रकार राजभवन के भीतर जाकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे. लेकिन राजभवन से कुछ दूरी पर ही इस कदर रोके जाने का सभी ने विरोध किया. काफी देर तक पत्रकार भीतर जाने दिए जाने की मांग करते रहे. लेकिन अधिकारियों ने उन्हें जाने नहीं दिया. अधिकारियों के इस रवैया से आहत रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव डॉ. वैभव सिंह पांडेय ने गेट के बाहर ही ज्ञापन पढ़कर सभी को सुनाया. जिसमें राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी.
इसके बाद पत्रकारों ने तयशुदा कार्यक्रम के तहत डॉ. भीमराव अंबडेकर चौक पहुंचे और डॉ. आंबेडकर की मूर्ति के सामने पत्रकार साथी मुकेश को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा.
रायपुर प्रेस क्लब ने फैसला लिया है कि इंसाफ के लिए जुल्म के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी. पत्रकारों ने राज्य सरकार से छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. इस धरना और शांति मार्च में बड़ी तादाद में रायपुर के पत्रकार शामिल हुए.
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एसआईटी का गठन
रायपुर : पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी द्वारा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले की जांच के लिए आईपीएस मयंक गुर्जर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है.
एसआईटी (विशेष अनुसंधान टीम) में आईपीएस  मयंक गुर्जर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर, रूचि वर्मा उप पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा, शरद जायसवाल उप पुलिस अधीक्षक बीजापुर, गीतिका साहू उप पुलिस अधीक्षक बस्तर, दुर्गेश शर्मा निरीक्षक थाना प्रभारी बीजापुर, वीरेंद्र श्रीवास्तव निरीक्षक प्रभारी जिला विशेष शाखा बीजापुर, चन्द्रशेखर श्रीवास निरीक्षक प्रभारी फरसापाल जिला दंतेवाड़ा, रिजवान अहमद निरीक्षक रक्षित केंद्र बीजापुर, गौरव तिवारी निरीक्षक रेंज साइबर थाना जगदलपुर, मुकेश पटेल उप निरीक्षक थाना बीजापुर और विवेकानंद पटेल प्रभारी साइबर सेल बीजापुर को शामिल किया गया है. 
एसआईटी को इस मामले की बारीकी से जांच करने और मामले की जांच कार्रवाई के बारे में पुलिस अधीक्षक बीजापुर को रोजाना प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्यतः पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं.
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पत्रकारो ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि

गरियाबंद : बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले के मुखर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर गरियाबंद जिला सहित पूरे देश एवं प्रदेश के पत्रकारिता जगत में शोक का माहौल है. पत्रकार मुकेश चंद्राकर की इस तरह नृशंस हत्या से गरियाबंद जिले के सभी पत्रकार स्तब्ध हैं.
4 जनवरी शनिवार को नगर के तिरंगा चौक में प्रेस क्लब व जिले के पत्रकारो ने स्व मुकेश चंद्राकर के असामायिक मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कैंडल जलाए और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके हत्यारों को मृत्यु दंड देने राज्य शासन से मांग की.
इस शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार मनोज वर्मा, फारुक मेमन, जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष ज्ञानेश तिवारी, जीवन साहू, महेंद्र सहिस शिव भूलेपारिया, राधे श्याम सोनवानी थानेश्वर साहू, अमित बखरिया, निखिल बिखारिया, रितेश यादव, राकेश देवांगन, मोतीराम पटेल, विष्णु ध्रुव, लक्ष्मण कश्यप, अख्तर मेमन, भोला साहू, दौलत साहू के साथ-साथ शहर व अंचल के अन्य पत्रकार व गणमान्य नागरिक मौजूद थे.
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बिलासपुर प्रेस क्लब में आपात बैठक और मौन जुलूस, सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने प्रदेशभर में गहरा आक्रोश फैला दिया है. इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है. इसे लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब ने शनिवार की दोपहर 12 बजे आपात बैठक बुलाई गई. जिसमें घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग की गई.
बिलासपुर प्रेस क्लब में हुई बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि हत्याकांड की जांच छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए. बैठक के बाद मृतक पत्रकार को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. इसके बाद सभी पत्रकारों ने राघवेंद्र राव सभा से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया.
पत्रकारों ने एडिशनल कलेक्टर और जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम  ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में निम्नलिखित मांगे रखी गईं: 
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए. 
2. हत्याकांड की जांच हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए.
3. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए.
4. फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने शासन से निर्देश जारी हों.
केंद्रीय आवास राज्य मंत्री तोखन साहू को भी ज्ञापन सौंपा गया. इसमें पत्रकार सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई.
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प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने की निंदा, पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लाने की मांग, कांकेर में नेशनल हाइवे जाम कर नारेबाजी कर रहे पत्रकार

नई दिल्ली/कांकेर : पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर से स्तब्ध प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से उचित कार्रवाई करने की मांग करने को कहा है.
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने विज्ञप्ति के जरिए दिवंगत मुकेश चंद्राकर के परिवार के सदस्यों और मित्रों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्राकर ने बस्तर जंक्शन नामक एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल चलाया. इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकारों और संघर्ष प्रभावित बस्तर में उग्रवादी हिंसा के मुद्दों पर कई मीडिया घरानों के लिए लेखन और रिपोर्टिंग भी की.
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर हमले और उनकी हत्या कोई नई बात नहीं है. लेकिन जिस तरह से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. वह अस्वीकार्य है और इस पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके साथ ही राज्य सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की स्थानीय पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर तुरंत गौर करना चाहिए.
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया अगले हफ्ते की शुरुआत में क्लब परिसर में शोकसभा सह विरोध सभा आयोजित करने की योजना बना रहा है. जिसमें तमाम पत्रकारों, खासकर उन पत्रकारों से जो इस क्षेत्र को कवर कर रहे हैं, उनसे खासतौर पर शामिल होने की अपील की है।
दूसरी तरफ घटना के विरोध और हत्यारों को फांसी की सज़ा देने तथा एसपी का निलंबन की मांग करते हुए कांकेर थाना के सामने मुख्य मार्ग पर पत्रकारों ने चक्काजाम कर दिया है. उधर स्व.मुकेश की अंतिम यात्रा में पूरा नगर उमड़ पड़ा.
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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर रायगढ़ के पत्रकारों में आक्रोश

रायगढ़ : बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की सूचना के बाद पूरे प्रदेश भर के पत्रकारो में गहरा आक्रोश है. इस घटना को लेकर रायगढ़ के पत्रकारों ने भी एकता का प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार नरेश शर्मा और रमेश अग्रवाल के नेतृत्व में एडिशनल एस पी रायगढ़ को माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम लिखित ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में पत्रकारों ने मांग किया कि यह इस समय छत्तीसगढ़ के पत्रकार स्वतंत्र रुप से अपनी कलम नहीं चला पा रहें हैं. आए दिन छत्तीसगढ़ के किसी भी क्षेत्र में पत्रकार की कलम को रोकने का प्रयास प्रशासनिक स्तर पर ठेकेदार, भू माफिया, शराब माफिया अन्य असमाजिक तत्वों के द्वारा हर स्तर में प्रयास किया जा रहा है. जिसने अपनी कलम नहीं रोकी उसके साथ कोई न कोई बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. जिससे छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता इस समय सबसे बुरे दौर से गुजर रही है
पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकर की हत्या में शामिल हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए. उन पर कड़ी कार्यवाही करते हुए उनके सम्पत्ति को कुर्क कर पत्रकार साथी के परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए. साथ ही दिवंगत पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकार को शहीद का दर्जा दिया जाए.
स्थानीय सूत्रों से मालूम चला कि संदेही हत्यारे ठेकदारों के नाम पर बीजापुर का कोई अधिकारी जो ठेकेदारी के रैकेट का संचालन करते थे. उन्होंने तीन दिनों तक पत्रकार के परिजनों और पत्रकारों को वास्तविकता से दूर रखा और हत्यारों को सुरक्षित बाहर जाने का मौका दिया. इस बात की निष्पक्ष जांच कराई जाए. इसके अलावा प्रदेश में अविलंब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग भी की गई है.
बीजापुर की घटना लेकर रायगढ़ के पत्रकारों ने कहा पत्रकार मुकेश चंद्राकर के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रकरण चलाकर जल्दी से जल्दी फांसी की सजा दी जाए. इधर इस मामले को लेकर रायगढ़ पत्रकार संघ अब वकील संघ को भी ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है. ताकि आरोपियों के तरफ से प्रदेश का कोई भी वकील केश न लड़े. वही शाम 6 बजे शहर के मुख्य चौक से कैंडल मार्च निकाल कर महात्मा गांधी चौक पर शहीद पत्रकार को श्रद्धांजलि दी गई.
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