महानदी की बाढ़ से 8 गांव के सैकड़ों एकड़ धान फसल बर्बाद, आक्रोशित किसानों ने कुरुद-राजिम मार्ग किया चक्काजाम, समर्थन में पहुंचे धनेन्द्र साहू

Mahanadi floods destroyed hundreds of acres of paddy crops in eight villages; angry farmers blocked the Kurud-Rajim road; Dhanendra Sahu arrived in support.

महानदी की बाढ़ से 8 गांव के सैकड़ों एकड़ धान फसल बर्बाद, आक्रोशित किसानों ने कुरुद-राजिम मार्ग किया चक्काजाम, समर्थन में पहुंचे धनेन्द्र साहू

धमतरी/दुलना-कठौली : गंगरेल बांध से पानी छोडने और क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते कठौली के आसपास 8 गाँव की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है. इसके लिए दुलना के पास महानदी में गलत डिजाइन से बने एनिकट को दोषी मान गुस्साए सैकड़ों किसानों ने कुरुद राजिम मार्ग में चक्का जाम कर दिया. जिससे इस सड़क पर आवागमन घंटों जाम रहा.
कुरुद विधानसभा के अंतिम क्षोर में स्थित ग्राम पंचायत कठौली, धूमा एवं राजिम तहसील के पटेवा, दुलना आदि गाँवों के सैकड़ों किसानों ने कुरुद राजिम मार्ग में पूठ्ठा फेक्ट्री के पास चक्काजाम कर दिया. जिससे थोड़ी देर में ही दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई. मुख्य मार्ग में जाम होने के चलते छोटे वाहन के राहगीर वैकल्पिक मार्ग से अपने गंतव्य की ओर जाने लगे.
आक्रोशित किसान अपने-अपने गांव से निकलकर दुलना-कठौली के पास पहुंचे और नवापारा-कुरूद-धमतरी हाइवे पर चक्काजाम कर दिया. चक्काजाम करने से सड़क के दोनो साइड करीब चार सौ ट्रके, कार, ट्रेक्टर, हाइवा जैसे छोटे-बड़े वाहन खड़े हो गए. चक्काजाम की खबर पर धमतरी एवं रायपुर जिले के प्रशासनिक और एरीगेशन आफिसर मौके पर पहुंचे. किसानो को मनाने का प्रयास किया. लेकिन वे किसान टस से मस नहीं हुए.
इसी बीच पीसीसी के पूर्व चीफ धनेंद्र साहू भी धरना स्थल पर पहुंचे. किसानो और अफसरों से बात की लेकिन किसान अडिग रहे. किसानो का कहना था कि दुलना में महानदी के बीच जो एनीकट बनाया गया है. वह गलत जगह बना है. इसकी हाइट कम की जाए या फिर इस एनीकट को डिस्पोज किया जाए. तभी किसानो की खेती बच सकती है.
आंदोलनकारी किसान गौकरण साहू, पूनेद्रदेव साहू, छत्रपाल, उत्तमप्रकाश, रामजी, ललतू, नंदकुमार, हेमंत साहू, फिरंगी, बहुर निषाद, गोपाल पटेल, बिसौहा, ओंकार, डोमन साहू आदि ने बताया कि जब से महानदी में दुलना एनिकट बना है, किसानों की मुस्किल बढ़ गई है. किसानों ने बताया कि बारिश और बांध से पानी छोडे़ जाने की स्थिति में आसपास गाँवों की करीब एक हज़ार एकड़ की फसल जलमग्न हो जाती है. इसके पहले भी हमने कई बार प्रशासन के सामने अपनी परेशानी बताई. लेकिन कोई हल नहीं निकला. एनिकट की गलत डिजाइन और उसके गेट में कोई सुधार नही किया गया. जिसका खामियाजा हम किसानों को उठाना पड़ता है.
इस संदर्भ में मौके पर पहुंचे कुरुद तहसीलदार दुर्गा साहू मौके पर पहुंच आंदोलनकारी किसानों को सड़क से हट जाने की समझाइश देते रहे. लेकिन वे नही माने .तब उन्होंने किसानों को पानी मे डूबे फसल का पंचनामा तैयार कराया और उनकी मांगों से सम्बंधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया तब जाकर किसानों ने चक्काजाम स्थगित किया.
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