ड्रग्स पैडलिंग करने वाले प्रोफेसर गैंग के आरोपियों को रायपुर कोर्ट ने 9 माह के भीतर सुनाई 5 साल की सजा, 50-50 हजार का जुर्माना
Raipur court sentenced the accused of Professor Gang, who peddled drugs, to 5 years of imprisonment within 9 months, fined Rs 50,000 each
रायपुर : राजधानी रायपुर में ड्रग्स पैडलिंग करने वाले प्रोफेसर गैंग के सभी चार आरोपियों को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है. प्रोफेसर गैंग के मुख्य सरगना आयुष अग्रवाल, चिराग शर्मा, कुसुम हिंदुआ और महेश सिंह खड़का को पुलिस ने कोकीन तस्करी करते धोतरे पैलेस से गिरफ्तार किया था. एनडीपीएस एक्ट की विशेष न्यायाधीश किरण थवाइत के कोर्ट ने सभी आरोपियों को सजा सुनाई.
मिली जानकारी के मुताबिक 2024 में रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने मनी हाईस्ट की तर्ज पर चलने वाले प्रोफेसर ग्रुप का पर्दाफाश किया था. इस दौरान बड़ी तादाद में ड्रग्स के साथ तीन शातिर तस्करों की गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस की टीम शातिर तस्करों की निशानदेही पर तस्करी का बैकवर्ड नेटवर्क आर्यन ठाकरे को भी गिरफ्तार किया था. उसके पास से 10 लाख रुपए से ज्यादा का ड्रग्स बरामद हुआ था.
13 मई 2024 को खम्हारडीह पुलिस ने धोतरे मैरेज गार्डन होटल से गिरफ्तार किया था. आरोपी आयुष अग्रवाल, कुसुम हिंदुजा, महेश सिंग खड़गा और चिराग शर्मा के पास से मिले थे 06.600 ग्राम कोकीन और 2.100 ग्राम एमडीएम समेत 6 तोला सोना, ऑडी कार और 86 हजार रुपये नगद जब्त किया था. एसआई मनोज पटेल ने बारीकी से मामले की जांच कर 60 दिन के भीतर कोर्ट में चालान पेश किया. विशेष न्यायाधीश ने 4 आरोपियों को 5-5 साल की सजा सुनाई. साथ ही सभी आरोपियों को 50-50 हजार का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने सोना और कार को भी राजसात करने के निर्देश दिए.
हिमाचल के कुल्लू मनाली से रायपुर में करते थे ड्रग्स सप्लाई
दरअसल टिकरापारा क्षेत्र में पुलिस ने 10 लाख के ड्रग्स के साथ आर्यन ठाकरे को धर दबोचा था. शातिर तस्कर आर्यन ही शुभम सोनी, अभिषेक साहू, और सोनू अग्रवाल समेत अन्य को ड्रग्स की सप्लाई करता था. पुलिस की पूछताछ में आर्यन ने क़बूल किया कि हिमाचल के कुल्लू मनाली से ड्रग्स लाकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यो में ड्रग्स की तस्करी करता था. पुलिस की टीम आर्यन ठाकरे के क़ब्ज़े से मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त की थी.
शातिर तस्करों के पास 600 से ज्यादा कॉलर के नंबर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तस्करों के कब्जे से 600 से ज्यादा कॉलरों के डीटेल सामने आए हैं. पुलिस अधिकारियों को शक है कि आरोपियों से कई बड़े चेहरे ड्रग्स खरीदा करते थे. जिनमें उद्योगपति, बिल्डर्स और कारोबारियों के नाम शामिल हो सकते हैं. इसकी जांच की जा रही है. जल्द साइबर सेल की टीम पूरे नंबरों की लिस्ट तैयार कर पूछताछ के लिए तलब कर सकती है.
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